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शीतलहर का कहर जारी..शाम होते ही घरों में दुबके लोग

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बरेली के सिविल लाइंस क्षेत्र में कुछ इस तरह ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे लोग - फोटो : amar ujala
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रात आठ बजे तक सड़कों पर, बसों में नहीं दिख रहे यात्री

बरेली। सर्दी अपने तेवर दिखा रही है। रोजाना ठंडक बढ़ती जा रही है। शाम सात बजते ही सड़कों पर बाजारों में सन्नाटा हुआ जा रहा है। शहर के मुख्य बाजार पुराना बसड्डा रोड, कुतुबखाना, जिला अस्पताल रोड, कोतवाली के सामने के बाजार में शाम आठ बजे तक ताला लग जा रहा है। रिक्शा चालक, बेघर इस समय चौराहों पर अलाव के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। वहीं कुछ चौराहों के फुटपाथों पर रात काट रहे हैं। हालांकि रैन बसेरों में संख्या बढ़ी है। बसों में यात्री नहीं है, एक दो यात्री दिख रहे हैं तो वह भी कंबल लेकर बैठे हुए हैं।

स्थान- पुराना बसड्डा रोड

पुराना बसड्डा रोड पर शाम आठ बजे तक पूरा बाजार बंद हो गया। यहां सिर्फ एक दो दुकानें ही ख्ुाली नजर आई। दुकानदार सतीश ने बताया कि आम दिनों में दस बजे के बाद तक ही बाजार बंद होता है। सर्दी का समय है और अधिकतर दुकानें हीटर, ब्लोअर से संबंधित है तो देर रात तक ही बंद होती है। लेकिन अब दो तीन दिनों से शीतलहर इतनी तेज है कि शाम सात बजे के आस पास ही बाजार में सन्नाटा छा जाता है। ऐसे में बाजार आठ बजे तक लगभग बंद हो जाता है।

स्थान- पुराना बस अड्डा

यहां रैन बसेरों में पहले दिनों की अपेक्षा संख्या बढ़ी है। शनिवार को यहां करीब पंद्रह से अधिक लोग रैन बसेरे में नजर आए। पुराने बसड्डे पर तीस बेड का रैन बसेरा तैयार किया गया है। रैन बसेरे के बाहर अलाव की भी व्यवस्था की गई है। यहां लोग तापते दिखे। वहीं बस स्टेशन के प्लेटफार्म पर भी लोग किसी तरह सर्दी से बचाव करते हुए सोते नजर आए।

स्थान- जिला अस्पताल रोड, इंद्रा मार्केट

जिला अस्पताल रोड पर अधिकतर दुकानें ऊनी कपड़े, रजाई, गद्दे व कंबलों की है। यहां भी आम दिनों में बाजार करीब दस बजे तक ही खुलता है लेकिन शीतलहर के चलते यहां भी दुकानों में आठ बजते ही ताला लग रहा है। यही हाल आगे बढ़ु़ने पर इंद्रा मार्केट का है। इंद्रा मार्केट में सिर्फ गर्म कपड़ों का ही बाजार इस समय लगता है और रात पौने नौ बजे तक यहां पूरे बाजार में ताला लग चुका था।

स्थान- जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में रैने बसेरा अभी भी उसी हाल में है। यहां अभी तक प्लास्टिक शीट को ठीक नहीं कराया गया है। प्लास्टिक शीट टूटी होने के कारण जिला अस्पताल के रैन बसेरे में कोई नहीं ठहर रहा है। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार इधर उधर टहल कर समय काट रहे हैं।

स्थान- पटेल चौक

शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर भी इस समय रात आठ बजते ही सन्नाटा छा जाता है। शनिवार को रात करीब नौ बजे सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ था। करीब आठ से दस मिनट में बमुश्किल एक गाड़ी चौराहे से निकलती दिख रही थी। शीतलहर से लोग शाम होते ही घरों में दुबक रहे हैं।

स्थान- चौकी चौराहा, विकास भवन रोड

चौकी चौराहा व विकास भवन रोड पर लोग फुटपाथों पर सो रहे हैं। यहां फुटपाथ पर कंबल, बोरी के सहारे लोग ठंड से बचाव का प्रयास करते दिख रहे हैं। यहां बेघरों, रिक्शा चालकों की इसी तरह रोजाना रात कट रही है।

स्थान- सेटेलाइट बस अड्डा

सेटेलाइट बसड्डे पर भी सर्दी के चलते यात्रियों की संख्या घट गई है। यहां रात करीब एक बजे अंतिम बस निकलती है लेकिन इस समय यहां रात दस बजे के बाद ही कुल सौ यात्री भी बसड्डे पर नहीं दिखाई पड़ते हैं। कानपुर की ओर जा रही एक बस का हाल ऐसा दिखा कि सिर्फ तीन यात्री को लेकर बस जाने को तैयार थी। यात्री भी कंबल ओढ़कर सीट पर सोए हुए थे।
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