बरेली। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने में सीओ प्रथम की टीम भी नाकाम रही। इस पर एडीजे (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रवि कुमार दिवाकर ने तल्ख टिप्पणी करते हुए एसएसपी को गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही डीएम को जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि अगर आम आदमी ऐसा अपराध करता तो पुलिस उसे तुरंत जेल में डाल देती। पेशी की तारीख 19 मार्च तय की है।
मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार करने में पुलिस लगातार विफल साबित हो रही है। पहले प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी को समन तामील कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह समन तामील नहीं करा सके। अब गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद कोर्ट ने सीओ प्रथम संदीप कुमार सिंह को मौलाना को गिरफ्तार कर बुधवार को पेश करने का निर्देश दिया था।
वह भी बुधवार को खाली हाथ पेश हुए तो कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई और कहा कि आरोपी मौलाना तौकीर रजा बरेली जिले का प्रभावशाली व्यक्ति है। उसके प्रभाव के कारण ही अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे यह भी लगता है कि भारत में आम आदमी के लिए कानून अलग और प्रभावशाली आरोपी के लिए अलग है। अगर आम आदमी इस तरह का अपराध करता तो पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया होता। आरोपी एक प्रभावशाली धार्मिक व्यक्ति है, इसलिए गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी बाहर खुला घूम रहा है। कोर्ट ने 19 मार्च की तारीख तय करते हुए एसपी घुले सुशील चंद्रभान को मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही कहा है कि जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी डीएम की होगी।
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से बुधवार को मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ दोबारा गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इस बार वारंट एसएसपी के नाम से संबोधन करके जारी किया गया है। 19 मार्च 2024 को मौलाना को गिरफ्तार कर पेश कराने की जिम्मेदारी एसएसपी को सीधे तौर पर दी गई है। वारंट में मारपीट, हमला, बलवा, साजिश और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धारा 7 लगाई है, जिनमें मुकदमे के बाकी आरोपियों पर चार्जशीट लगी है।
तीन अन्य के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी
इस मामले में अभियुक्त बाबू, राजू उर्फ राजकुमार, कौसर व निसार अहमद की मुकदमे के दौरान मौत होने की रिपोर्ट पेश की गई। अभियुक्त आरिफ, वसीम व अबरार के पेश नहीं होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ भी गैरजमानती वारंट जारी कर दिया।