श्यामगंज, डेलापीर, सौ-फुटा व बदायूं रोड पर सड़क पर ही बने डलावघर। राहगीरों का निकलना भी हुआ मुश्किल
बरेली। एक ओर नगर निगम सड़कों और घरों के आस-पास कूड़ा न फैलाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है तो दूसरी ओर सड़कों पर खुद ही कूड़ा फैलने की वजह बन रहा है। इसमें मुख्य तौर पर श्यामगंज, डेलापीर, सौ-फुटा व बदायूं रोड के किनारों पर बने डलावघर शामिल हैं। जहां से लोगों का निकलना भी बदबू की वजह से दूभर हो गया है। डलावघरों के आसपास रिहायशी इलाके और मार्केट भी बसी हुई हैं। वहीं सड़क पर भी डलावघर के कारण गंदगी फैली रहती है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में अधिकारी कौन सा मुकाम हासिल कर पाएंगे, इस पर संशय बना हुआ है।
स्वच्छता रैंकिंग में पिछले प्रदर्शन की बात की जाए तो वर्ष 2022 में स्वच्छता सर्वेक्षण में 137वें स्थान पर शहर आया था और 2023 में दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में 80वें पायदान पर आया था। अब अधिकारियों को उम्मीद है कि 2024 में जनता को जागरूक कर रैंकिंग में अच्छा उछाल मिलेगा और 50वें पायदान तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए जागरूकता अभियान भी नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक चलाया जा रहा है। दरअसल आवास व शहरी मंत्रालय की टीम की ओर से बरेली शहर का निरीक्षण किया जाएगा। यह निरीक्षण जुलाई में होने की उम्मीद थी लेकिन नहीं हुआ, अब अधिकारियों का मानना है कि अक्तूबर तक निरीक्षण के लिए केंद्रीय टीम कभी भी आ सकती है। इस दौरान टीम घरों के आसपास कितनी सफाई है? खाली प्लॉट में कचरा तो नहीं पड़ा रहता?। इस पर ही सबसे अधिक ध्यान देगी।
- जनता से फीडबैक में भी निगम हो सकता है फेल
केंद्रीय टीम जनता से भी फीडबैक लेगी, जिसके आधार पर स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग तैयार की जाएगी। ऐसे में निगम का वहां भी झटका लग सकता है। मुख्य सड़कों पर बने डलावघरों तक टीम पहुंचती है और फीडबैक लिया जाता है तो जाहिर है कि परेशान दुकानदार और राहगीरों अपनी परेशानियां बताएंगे। इसके अलावा भी डलावघरों के आस-पास पुलों के नीचे और मोहल्लों की सड़कों पर कूड़े के लगे ढेर से जनता परेशान है।
- 9500 अंकों में सफाई के 1100 अंक सफाई के
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार 9500 अंक होंगे, इसमें घरों के आस-पास सफाई के लिए 1100 अंक हैं। वहीं कूड़ा उठान, कॉलोनी व वाटर बॉडी की सफाई के लिए 2500 अंक आरक्षित हैं। इसके अलावा आस-पड़ोस की सफाई के लिए 1100, कचरा संग्रहण, कॉलोनी व वाटर बॉडी की सफाई के 2500, सामुदायिक शौचालय व अन्य कागजी कार्रवाई, लोगों की भागीदारी के लिए के 1295, बंद पड़े कचरा निस्तारण प्लांट का संचालन के 300, कचरा पात्र जनसंख्या के मुताबिक 190, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के 350, सड़कों की साफ सफाई के 70 अंक होंगे।
- डोर-टू-डोर अभियान से अधिक लोग हों कनेक्ट : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने इस मामले में कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए लोगों को घरों के आस-पास कूड़ा ना फेंकने के लिए जागरूक तो किया जा रहा है, लेकिन डलावघरों को खत्म करने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए लोगों को कनेक्ट अधिक होना होगा। जब गाड़ियों से कूड़ा जाएगा तो सड़कों पर बन रहे डलावघर अपने आप ही खत्म हो जाएंगे। इसके लिए वह लोग प्रयास कर रहे हैं और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। संवाद