बरेली। क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायत अवॉर्ड के दावों के सत्यापन में तीन ग्राम पंचायत मानकों पर खरी नहीं उतरीं। उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, दावेदार 13 पंचायत पास हुई हैं। संबंधित रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के जिला क्षय रोग केंद्र की ओर से शासन को भेजी गई है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. केसी जोशी के मुताबिक टीबी मुक्त देश की संकल्पना को साकार करने के लिए टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में लोगों का जागरूक होना जरूरी है। लिहाजा, टीबी मुक्त पंचायत मुहिम शासन ने शुरू की है। बताया ऐसे ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करना था, जहां एक वर्ष में एक हजार की आबादी पर 30 संभावित मरीज की जांच हुई हो और एक टीबी मरीज मिला हो। वहीं, मरीज की एमडीआर जांच हुई हो। निक्षय पोषण योजना के तहत एक किस्त जारी होना अनिवार्य हो। इन मानकों पर जांच की गई।
इसमें नवाबगंज की राम नगरिया, दमखोदा की भोगपुर, क्यारा की परागांव ग्राम पंचायत मानक पूरे नहीं कर सकीं। लिहाजा, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया। शेष ग्राम पंचायतों की जांच में मानक पूरे मिले, लिहाजा उनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
नवाबगंज की काशीपुर धर्मपुर, खाई खेड़ा, प्रेमपुर मुरारपुर, सिथरा, बहेड़ी की हरसूनगला, भैनसिया, आमडंडा, रेतवाड़ा, शेरगढ़ की खाता, नियामतपुर, ढकिया डाम, क्यारा की ठिरिया ठुकरान, कुआंडांडा की कंजा चकरपुर ग्राम पंचायत पास हुई हैं। बता दें कि सत्यापन के लिए जिला स्तरीय टीम गठित हुई थी। बीते दस दिन से पंचायतों के दावे की जांच मानकों के आधार पर टीमें कर रही थीं।
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