बरेली। बरेली क्लब में बृहस्पतिवार दोपहर प्रशासनिक आयोजन में श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन हुआ। 20 से अधिक अफसरों की मौजूदगी में नाबालिग जूठन उठाते व बर्तन धोते रहे। दो घंटे तक यह क्रम चलता रहा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो सामने आया तो सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। ठेकेदार की फर्म को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।
बरेली क्लब में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बृहस्पतिवार को 500 जोड़ों को विवाह बंधन में बंधना था। उनके रिश्तेदारों, परिजनों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। फेरों के बाद दोपहर 2.30 बजे भोजन शुरू हुआ। कुछ ही देर में प्लेटें खाली होने लगीं तो ठेकेदार ने ग्रामीण क्षेत्र से 400 रुपये मेहनताने पर लाए बच्चों से जूठे बर्तन उठवाना शुरू कर दिया। किसी ने उन्हें रोका-टोका नहीं। समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा के पूछने पर ठेकेदार के मेट ने कहा कि आदमी नहीं मिलते। इसलिए बच्चों को लाए हैं।
भोजन व्यवस्था में करीब 80 वेटर और कर्मचारी लगे हुए थे। इसमें 20 से अधिक नाबालिग थे। इसमें से ही 8-10 बच्चे जूठी प्लेटें उठा रहे थे और बर्तन धो रहे थे। बातचीत में इन बच्चों ने ठेकेदार का नाम लिया और बताया कि 400 रुपये रोजाना के मेहनताने पर उन्हें लाया गया है।
विवाह के दौरान मैं मंडप में मौजूद था। भोजन की व्यवस्था दूसरी ओर थी। अगर उस ओर बच्चों से काम लिया गया है तो गलत है। जिस ठेकेदार ने बच्चों को बुलाया था, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - जगप्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी
आयोजन स्थल पर अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए जहां भोजन का इंतजाम था, वहां मिनरल वाटर की बोतलें रखीं थीं। जहां बराती-घराती भोजन थे, वहां नगर निगम के दो टैंकर खड़े थे। गिलास की भी व्यवस्था नहीं थी। बरातियों सहित दुल्हा-दुल्हन भी वहां चुल्लू से पानी पी रहे थे। घंटेभर में ही वहां इतना पानी फैल गया कि मौके पर कीचड़ हो गया। बाद में परियोजना निदेशक ने गिलास की व्यवस्था कराई।