बरेली। विद्यालयों में अपंजीकृत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग 20 अप्रैल को ग्रामीण क्षेत्रों में हाउस होल्ड सर्वे करागा। स्कूल चलो अभियान के तहत होने वाले इस सर्वे में शिक्षक ईंट भट्ठा श्रमिकों, घरों मेें काम करने वालों और बाहर से आकर रहने वालों के बच्चों का डाटा तैयार करेंगे। छह से 14 साल तक के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए घर-घर जाकर उनके माता-पिता को प्रेरित किया जाएगा।
इस सर्वे के तहत बच्चों के माता-पिताओं को शिक्षा का महत्व बताया जाएगा और सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इस दौरान बच्चों की शारीरिक और मानसिक स्थिति भी आंकी जाएगी। परिवार के अन्य बच्चों की शैक्षिक स्थिति भी सर्वे का हिस्सा होगी। यह भी शामिल किया जाएगा कि कितने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं और कितने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति का भी होगा आकलन
शिक्षकों को परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी आकलन करना होगा। इसमें यह देखा जाएगा कि परिवार की अहम जरूरतें किस तरह पूरी हो रही हैं। परिवार का व्यवसाय क्या है, मुखिया क्या काम करता है, बच्चे के माता-पिता क्या काम कर रहे हैं आदि।
आंगनबाड़ी केंद्रों से भी लिया जाएगा सहयोग
इस सर्वे में शिक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी मदद लेंगे। कितने बच्चे केंद्रों में पढ़ रहे हैं, जिन परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, उनकी क्या स्थिति है, उस परिवार के अन्य बच्चे पढ़ने आते हैं या नहीं आदि सवाल पूछे जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भी अभियान से जोड़कर स्कूलों में दाखिला किया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान के तहत हाउस होल्ड सर्वे 20 अप्रैल को कराया जाएगा। इसमें छह से 14 साल तक के बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से पहल की गई है। चयनित बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। - विनय कुमार, बीएसए