चौपुला रोड के गड्डों में फंसकर गिरा ई-रिक्शा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
लगातार चेताता रहा अमर उजाला, सेतु निगम के अफसर साधे रहे चुप्पी
बरेली। चौपुला फ्लाईओवर की सर्विस रोड बारिश से अब और बदहाल हो गई है। गड्ढे इस कदर गहरे और चौड़े हो गए हैं कि अब उनमें वाहन पलटने लगे हैं। कभी इन्हें मिट्टी तो कभी रेत से पाट दिया जाता रहा है, लेकिन तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से ये गड्ढे खतरनाक हो गए हैं। गुरुवार को गड्ढों में कई बैट्री रिक्शा पलट गए। दोपहिया वाहन चालक तो अक्सर इनमें गिरकर घायल हो रहे हैं। अमर उजाला सर्विस रोड की बदहाली को देखकर लगातार सेतु निगम को हादसों को लेकर चेता रहा था, लेकिन अफसर मिट्टी और रेत से गड्ढे पाटने की औपचारिकता निभाते रहे। यही हाल लाल किला फाटक ओवरब्रिज की सर्विस रोड का है। यहां भी गड्ढों का आकार रोज बढ़ रहा है। सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने बताया कि बारिश रुकते ही सेतु निगम के अधिकारियों को पैचवर्किंग कराने के लिए कहा जाएगा।
चौपुला फ्लाईओवर सर्विस रोड
चौपुला फ्लाईओवर की सर्विस रोड में काफी बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। अमर उजाला ने बारिश होने पर सर्विस रोड के गड्ढों के और खतरनाक होने की आशंका जताई थी, लेकिन सर्विस रोड की मरम्मत कराने के बजाय सेतु निगम ने मिट्टी और रेत से गड्ढे पटवा दिए। लगातार हो रही बारिश से गड्ढों में भरी मिट्टी और रेत बह गई है, इससे गड्ढे बेहद खतरनाक हो गए हैं। गुरुवार को सर्विस रोड पर ई-रिक्शा पलट गया है। गनीमत रही कि उस वक्त ई-रिक्शा खाली था। पूरी सड़क पर करीब एक फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश से गड्ढों का आकार बढ़ता ही जा रहा है। अब इन गड्ढों में छोटे-बड़े वाहन फंसने और पलटने लगे हैं। पटेल चौक की ओर मुड़ते समय पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे में भी बारिश का पानी भर गया है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
चौपुला फ्लाईओवर का जिस तरीके से निर्माण हो रहा है, उसे देखकर तो लगता है कि अगले दस सालों में भी यह नहीं बन पाएगा। यहां से रोजाना निकलना पड़ता है। नरक कर रखा है इन लोगों ने, अब तो इतने बड़े गड्ढे हो गए हैं कि स्कूटी पर दूसरी सवारी होने पर उसका गिरना तय ही समझो। कम से कम सर्विस रोड ठीक तो करा दें तो हादसे तो न हों। - श्यामवीर यादव।
इस समय चौपुला पुल की सर्विस रोड से निकलना खतरे से खाली नहीं है। एक तो बड़े-गहरे गड्ढे और उनमें बारिश का पानी भरा होने से स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो गई है। पानी भरा होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा ही नहीं हो पाता है। आए दिन बाइक सवार गिरते रहते हैं, लेकिन सर्विस रोड की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। - शशि भटनागर।
लाल फाटक ओवरब्रिज सर्विस रोड
करीब एक करोड़ की लागत से लाल फाटक पुल के दोनों ओर बनी सर्विस रोड उखड़ गई है। सर्विस रोड पर दोनों ओर करीब एक फुट गहरे और दस फुट तक चौड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश से ये गड्ढे जानलेवा बन गए हैं। पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं लेकिन सेतु निगम अब भी लापरवाही बरत रहा है। इस सर्विस रोड से गाड़ियां हिचखोले खाते हुए निकलती हैं। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने से ये और खतरनाक हो गए हैं। दोपहिया वाहन चालक तो आए दिन गड्ढों में गिरते रहते हैं।
मिट्टी डालकर बंद कर देते हैं गड्ढे
गड्ढे जब छोटे होते हैं, तभी इनकी मरम्मत नहीं कराई जाती है। धीरे-धीरे गड्ढे बड़े हो जाते हैं। तब सेतु निगम इन्हें रेत या मिट्टी से भरवा देता है, जो वाहनों की आवाजाही से दो दिन में ही निकल जाती है और गड्ढे फिर उसी तरह खतरनाक हो जाते हैं। भारी वाहनों के निकलने से भी गड्ढों का आकार बढ़ता ही जाता है। - नीरज चौहान, स्थानीय निवासी
गड्ढे भरे ही नहीं जाते
सर्विस रोड पूरी तरह से उखड़ गई है। बजरी भी फैली हुई है। गड्ढे होते रहते हैं लेकिन इन्हें कभी भरा नहीं जाता है। कभी कभार इनमें मिट्टी और रेत भर दी जाती है, लेकिन वह दो दिन में ही निकल जाती है। यहां गाड़ियां पलटने का डर बना रहता है। दोपहिया वाहन सवार तो आए दिन गिरकर घायल होते रहते हैं। प्रशासन को सर्विस रोड की मरम्मत करानी चाहिए। - संजय चौहान, स्थानीय निवासी