बरेली। माह-ए-रमजान रफ्ता-रफ्ता गुजर रहा है। आखिरी चरण में शहर की कई मस्जिदों में कुरान मुकम्मल होने का जश्न मनाया जा रहा है। शनिवार को मरकजी मस्जिद बीबी जी में रजा एक्शन कमेटी के सदर अफरोज रजा कादरी की सरपरस्ती और नायब सदर व मौलाना अदनान रजा कादरी की सदारत में जश्न-ए-कुरान की महफिल सजाई गई। इसमें हाफिज अरमान रजा और हाफिज शजर रजा की गुलपोशी की गई। उन्हें तोहफों से नवाजा गया। मौलाना अदनान ने भी नजराना पेश किया।
मस्जिद के इमाम मुफ्ती उमर रजा ने कुरान-ए-पाक की अजमत बयां की। अल्लामा कमरुज्जमा खां ने रमजान के फजाइल बयां किए। अंत में मौलाना अदनान रजा कादरी ने खुसूसी दुआ की। इसके बाद तबर्रुक तकसीम किया गया। इस मौके पर मौलाना महमूद रजा, मौलाना गुलफाम रजा, मुशाहिद रफत, हनीफ अजहरी, मोहम्मद उवैस, इब्ने हसन व अन्य लोग मौजूद रहे।
यहां भी हुआ जश्न
किला की जामा मस्जिद सहित खानकाह नियाजिया, दरगाह शाहदाना वली मस्जिद, अजहरी मस्जिद, मलूकपुर की मुफ्ती आजम हिंद मस्जिद, करोलान की मस्जिद आला हजरत में कुरान मुकम्मल होने पर जश्न मनाया गया। इन सभी मस्जिदों में इमाम और उलमा ने रमजान की फजीलत बयां की।
सजा दस्तरख्वान, रोजेदारों ने किया सामूहिक इफ्तार
मलूकपुर की मस्जिद मुफ्ती आजम हिंद में सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के कई मोहल्लों के रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया। इसमें दरगाह आला हजरत से मौलाना अदनान रजा खां कादरी, हाफिज चांद खान, अधिवक्ता इकरार अली, हकीम अनीस नूरी, पम्मी खान वारसी, हाजी साकिब रजा खां आदि शामिल रहे। इफ्तार का आयोजन शाहबाज खान, बिलाल खान, सैयद समीर अली अंशू ने किया।