एक बार में 25 अंडे सेने की व्यवस्था
डॉ. जयदीप ने बताया कि संस्थान में तैयार इंक्यूबेटर में एक बार में अधिकतम 20-25 अंडे रख सकते हैं। एक बार में इतने अंडे न हों तो दस दिन तक प्राप्त अंडों को सुरक्षित स्थान पर रख लें, जहां तापमान 20 डिग्री से नीचे होना चाहिए। दसवें दिन इंक्यूबेटर में सभी अंडों को एक साथ रखकर बंद कर दें। एक बार इंक्यूबेटर बंद होने पर खोलना नहीं चाहिए। विकसित होने पर अंडे से चूजे निकलकर खुद ही बाहर आ जाएंगे।
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अंडा न देने वाली मुर्गियों से हो सके आय
डॉ. रोकाडे ने बताया कि इंक्यूबेटर के अलावा वे मुर्गियां जो अंडे नहीं देतीं या बुजुर्ग हो चुकी हैं, उनके मांस से अचार बनाने की तकनीक भी तैयार की है। इससे पोल्ट्री किसानों को ऐसी मुर्गियों से भी आय होगी। ऑयल बेस्ड स्पाइसी चिकन मीट पिकल तकनीक से तैयार अचार में 55 फीसदी प्रोटीन होगा जो अन्य किसी उत्पाद में नहीं होता। इस अचार को छह माह तक सामान्य तापमान में रखा जा सकता है।