- छह माह में हुई 22 गर्भवतियों की मौत, इनमें से 16 की वजह प्रसवोत्तर रक्तस्राव
बरेली। गर्भधारण के दौरान खानपान और नियमित जांच के प्रति बेपरवाही गर्भवतियों की जान पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते छह माह में 22 गर्भवतियों की मौत हुई। इसमें करीब 78 फीसदी मौत की वजह पोस्टपार्टम हैमरेज (पीपीएच) यानी प्रसवोत्तर रक्तस्राव रही।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद प्रसूता को नियमानुसार दो दिन और सिजेरियन प्रसव के बाद पांच दिन तक चिकित्सकों की निगरानी में रहना चाहिए। वर्ष 2023-24 में सरकारी अस्पतालों में 35,663 संस्थागत प्रसव हुए थे। इसमें 4,541 प्रसूताएं 48 घंटे के भीतर ही घर चली गईं। इस वर्ष अप्रैल से सितंबर तक 14,988 संस्थागत प्रसव हुए। इनमें 984 प्रसूताएं दो दिन के भीतर ही घर चली गईं। इसी दौरान पीपीएच की वजह से 16, कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट से चार व कार्डियक अरेस्ट से दो प्रसूताओं की मौत हुई। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक प्रसूताओं को इस खतरे के बारे में बताया जा रहा है। बगैर चिकित्सकीय परामर्श के घर जाना जोखिम भरा हो सकता है।
प्रसव के 48 घंटे बाद तक रहता है खतरा
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती सरन के मुताबिक प्रसव के बाद 48 घंटे तक पोस्टपार्टम हैमरेज की आशंका रहती है। इसलिए प्रसूता को दो दिन तक अस्पताल में ही रहने के लिए कहा जाता है, ताकि सभी संभावित खतरों का आकलन किया जा सके। गर्भाशय अगर न सिकुड़े तो रक्त वाहिकाओं से खून बहता रहता है। उच्च रक्तचाप, गर्भाशय का फैलाव, रक्त का थक्का बनने में कठिनाई भी पीपीएच की वजह है।
कब, किन प्रसूताओं की हुई मौत, वजह
पीपीएच : 30 अप्रैल को मीरगंज की सुमन, 18 जून को भोजीपुरा की मोमना, एक जून को रामनगर की प्रभा देवी, 24 जून को बिथरी चैनपुर की कविता, आठ अगस्त को फतेहगंज पश्चिमी की अंजुम, 20 अप्रैल को शेरगढ़ की गुड्डी देवी, 21 अगस्त को मीरगंज की गीता देवी, नौ सितंबर को नवाबगंज की भूरी, 29 जून को क्यारा की राजकुमारी, 24 जुलाई को क्यारा की मनीषा, 20 अगस्त को क्यारा की सोनम, 22 अगस्त को भोजीपुरा की सोनी, 20 सितंबर को फतेहगंज पश्चिमी की सोनाली, चार अगस्त को दलेलनगर की लवी, 20 अगस्त को बहेड़ी की कविता, 11 जुलाई को नवाबगंज की किरन।
कार्डियक अरेस्ट : 15 अगस्त को शेरगढ़ की गुलिस्ता बी, 13 मई को भमोरा की नीरज।
कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट : 21 अप्रैल को शहर की शाहीन खान, एक जुलाई काे फतेहगंज पश्चिमी की आशा देवी, 29 अगस्त को शहर की संतोषी, 20 सितंबर को शहर की धर्मवती। अमर उजाला ब्यूरो