बरेली। फायरिंग मामले में प्रथम दृष्टया इज्जतनगर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। इसमें मिलीभगत का भी अंदेशा है। एसएसपी ने मौका मुआयना करने के बाद थाने में बैठकर खुद जांच की और वहीं से इंस्पेक्टर समेत छह लोगों पर कार्रवाई कर दी।
घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है जो कब्जे के प्रारंभिक दौर का बताया जा रहा है। इसमें पुलिसकर्मी खड़े हैं और जेसीबी व मजदूर आराम से तोड़फोड़ में लगे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि राजीव पक्ष के पास कोर्ट के आदेश संबंधी कुछ कागजात थे, जिनके आधार पर वह खुद को जमीन का मालिक मान रहे थे। बताते हैं कि इज्जतनगर इंस्पेक्टर की जानकारी में वह कब्जा लेने गए थे पर दांव सफल नहीं हो सका।
एसएसपी ने जांच की तो प्रारंभिक तौर पर इंस्पेक्टर से लेकर बीट सिपाहियों तक की लापरवाही सामने आई। कब्जे की जानकारी के बाद भी पुलिस की छोटी टीमें तो मौके पर कई बार गईं पर इंस्पेक्टर करीब एक घंटे बाद उस वक्त फोर्स लेकर पहुंचे जब फायरिंग से अफरातफरी मच चुकी थी। इसीलिए इस मामले में बीट के सभी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी गई।