शेरगढ़। क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे के विरोध में सोमवार को किसानों ने भाकियू (टिकैत गुट) के बैनर तले नहर में बैठकर धरना-प्रदर्शन किया। धरनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों से किसानों की बहस भी हुई। विभाग के अधिकारियों ने जल्द नहरों को कब्जामुक्त कराकर खेतों तक पानी पहुंचाने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
सोमवार को सुबह के समय किसानों ने बालपुर गांव से गुजर रही सूखी नहर में बैठकर प्रदर्शन शुरू किया। दोपहर तक विभाग का कोई अधिकारी किसानों की बात सुनने नहीं आया। आक्रोशित किसानों ने दोपहर बाद शाही-शेरगढ़ मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर नायब तहसीलदार बहेड़ी अरविंद कुमार सिंह, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता पंकज कुमार सक्सेना और अनीस अहमद के साथ मौके पर पहुंचे।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आया देख किसानों ने उन्हें आड़े हाथों लिया। प्रदर्शनकारियों ने उनसे सवालों की झड़ी लगा दी। किसानों ने कहा कि जगह-जगह नहर की जमीन पर कब्जा हो गए। नहर पाट दी गई है। इन नहरों में पानी भी नहीं आता। इसके बाद भी हर साल इनकी साफ-सफाई के नाम पर लाखों रुपये फूंके जाते हैं।
हंगामा होता देख नायब तहसीलदार ने बीच-बचाव कराया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 20 दिन के अंदर नहरों का दुरुस्त कराने की बात कही। इस पर संगठन के मंडल अध्यक्ष अवध गंगवार ने कहा कि 20 दिन नहीं हम एक महीने का समय देते हैं। एक महीने में अगर नहरों का सिस्टम ठीक नहीं हुआ तो सिंचाई विभाग के कार्यालय पर तालाबंदी करेंगे। मौके पर किसानों ने आठ सूत्री ज्ञापन भी नायब तहसीलदार को सौंपा।
अवर अभियंता पंकज कुमार सक्सेना ने बताया कि कई जगह नहर को किच्छा नदी ने काट दिया है। कुछ जगह पर लोगों ने अतिक्रमण भी कर लिया है। जल्द अभियान चलाकर जमीन कब्जामुक्त कराई जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में संजीव, दानिश अख्तर, रतनलाल, दिनेश मौर्य, आरिफ अंसारी, फहीम, अजय गंगवार आदि मौजूद रहे।