भाजपा में किया था खुसरो सेना का विलय
भाजपा सत्ता में आई तो जाफरी फिर भाजपा में आ गया। तीन साल पहले ब्रज प्रांत के तत्कालीन क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी के सामने उसने पीलीभीत में अपनी खुसरो सेना का भाजपा में विलय करने की घोषणा दी। तभी उसे अल्पसंख्यक मोर्चा में पद देने का निर्णय हुआ।
भाजपा पदाधिकारियों के मुताबिक बीडीए के तत्कालीन वीसी ने वर्ष 2022 में उसका अवैध बरातघर बुलडोजर से ढहा दिया था। नेताओं को पता लगा कि उसी को बचाने के लिए जाफरी पार्टी में आया था तो उसे अभियान की जिम्मेदारी देनी बंद कर दी गई।
बरातघर गिरने के बाद चर्चा थी कि जाफरी भाजपा का दामन छोड़ सकता है, लेकिन उसने वक्त की नजाकत समझते हुए इस्तीफा नहीं दिया। अभी तक उसी पद से पहचान बनाए रखी। भाजपा ब्रज प्रांत अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने बताया कि शेर अली जाफरी पर उनकी पार्टी या संगठन में कोई पद नहीं है।