बरेली। होटलों में ऐश कर बिना भुगतान खिसकने वाले बंटी-बबली इस बार बुरे फंसे हैं। एक क्लीनिक में लूट करते हुए दोनों को रंगे हाथ पकड़ा गया है। किला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
हाल ही में एक युवक और एक युवती को होटल एसोसिएशन ने बारादरी थाना पुलिस से पकड़वाया था। दोनों होटलों में कई दिन रुकने के बाद बिना भुगतान किए निकल जाते थे। उस समय चेतावनी देकर मामला रफा-दफा कर दिया गया। किला थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी शनिवार को मलूकपुर स्थित सब्जी मंडी पहुंचे और डॉ. शिव कुमार गुप्ता की क्लीनिक के पास उतरे। वहां जिस रिक्शे से गए उसका किराया दो सौ रुपये नहीं दिए। रिक्शे वाला अपने रुपये मांगने लगा तो दोनों झगड़ा करने लगे।
शोर-शराबा होने पर डॉ. शिव कुमार बाहर निकले और विवाद की वजह पूछने लगे तो दोनों उनके क्लीनिक में घुस गए। अचानक तोडफोड़ करने लगे और काउंटर से पांच हजार रुपये लूट लिए। डॉ. शिवकुमार के मुताबिक, युवक ने खुद को डीएसपी का बेटा और युवती को पीएसी अफसर की बेटी बताकर धमकाया। इतने में आसपास के लोग जुट गए और दोनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी युवती ने खुद को नकटिया स्थित 8वीं वाहिनी पीएसी परिसर निवासी सुरेंद्र सिंह की बेटी रमन भिंडर बताया। उसके पास इसी नाम पते का आधार मिला। तस्दीक कराई गई तो पीएसी परिसर में सुरेंद्र सिंह नाम का कोई अधिकारी नहीं मिला। उसके नाम पता की पुष्टि नहीं हुई। इसी तरह युवक ने खुद को चंडीगढ़ पुलिस लाइन के पास रहने वाले डीएसपी रमन कुमार का बेटा अमूल्य कुमार बताया। इसकी पुष्टि कराई जा रही है।
सहगल होटल से झगड़ा कर निकले थे
-इंस्पेक्टर के मुताबिक, क्लीनिक से रुपये लूटने से पहले दोनों सहगल होटल में दो दिन रुकने के बाद बिना भुगतान किए भागे थे। दोनों आरोपी शहर के होटलों में रहकर खाते-पीते हैं। बिल देते वक्त झगड़ा करते हैं। रमन भिंडर होटल वालों को केस में फंसाने की धमकी देकर डराती है। फिर दोनों फरार हो जाते हैं।