आरोपियों को सिपाही नफीस से थी दोस्ती
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ये पुलिसकर्मी गांव में जुलूस के साथ मौजूद थे। बताते हैं कि पीआरडी जवान बख्तावर और ग्रामीण रियासत गांव में नेतागिरी करते थे। इनकी दोस्ती सिपाही नफीस से थी और नफीस की वजह से बाकी पुलिसकर्मी भी एक पक्ष का उत्पीड़न देखते रहे।
एसएसपी ने एसओ से जांच कराई तो स्थिति स्पष्ट हो गई। एसओ की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई कर दी गई। खुराफातियों के साथ पुलिस बख्तावर और रियासत को भी जेल भेज चुकी है।
लगेगा रासुका, बुलडोजर भी चलेगा
रविवार को पुलिस ने पथराव में शामिल तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है। इधर, गांव में राजस्व टीम ने भी आरोपियों के घरों की नापजोख की। जल्द ही उनके घरों पर बुलडोजर भी चलाया जा सकता है। एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने बताया कि आरोपियों में से कुछ पर रासुका की कार्रवाई हो सकती है।