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Bareilly News: गृहकर बिलों में भवन संख्या भी गलत दर्ज, शिकायतों के बाद भी निस्तारण नहीं

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बरेली। जीआईएस सर्वे के बाद जारी गृहकर बिलों में सिर्फ कर की धनराशि ही नहीं, भवन संख्या भी गलत दर्ज है। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्थिति यह है कि अधिकतर बिलों में मोहल्ला और एरिया तो ठीक है, लेकिन भवन संख्या गलत है। सही भवन संख्या दर्ज न होने से लोग असमंजस में पड़ रहे हैं कि उन्हें मिल रहा बिल उनका ही है या किसी दूसरे का।
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बिल से गायब नई भवन संख्या खुद नगर निगम ने लोगों को मुहैया कराई हैं। कुछ वर्ष पहले लोगों के घरों में ये संख्या दर्ज की गई थी। ऐसे में लोगों ने पुराना नंबर भुला दिया। अब गृहकर बिल में नई भवन संख्या गायब है या फिर कुछ में पुरानी दर्ज है। इससे लोग भ्रम में पड़ रहे हैं। चूंकि गृहकर की राशि में भी बदलाव है, इसलिए और भी परेशानी हो रही है। सवाल उठ रहा है कि अगर जीआईएस सर्वे ठीक से हुआ है तो जारी होने वाले बिलों पर सही भवन संख्या क्यों नहीं है? इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है।
स्वयंकर निर्धारण व आपत्ति के फार्म तो बंट रहे, लेकिन जमा न के बराबर हो रहे
जीआईएस सर्वे के खिलाफ आवाज उठाने वाले पार्षद राजेश अग्रवाल के मुताबिक स्वयंकर निर्धारण प्रणाली के आवासीय व व्यावसायिक फॉर्म तो बड़ी संख्या में लोग नगर निगम से लेकर जा चुके हैं, लेकिन वापस जमा करने रोजाना सिर्फ दो से तीन लोग ही आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह फॉर्म में दिए गए कई जटिल कॉलम हैं, जिन्हें जनता भर ही नहीं पा रही। इसी वजह से लोग कम आ रहे हैं। वहीं आपत्ति फार्म के लिए पुराने बिल की भी जरूरत पड़ रही है, जिसको कंप्यूटर से निकालकर देना पड़ रहा है। इसलिए इसमें भी देरी लग रही है। हालांकि टैक्स विभाग के लोगों का कहना है कि इंस्पेक्टर द्वारा फार्मों को भरवाया जा रहा है, लेकिन एक इंस्पेक्टर कितने लोगों का दिन भर में फार्म भरवा सकता है, इस पर चुप्पी साधी हुई है।
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स्वयंकर फॉर्म भरने में ये हैं जटिलताएं
आवसीय फार्म : इसमें ''ख'' कॉलम में समस्त कमरों और बरामदों का आंतरिक आयाम और ''ग'' कॉलम में टिप्पणी क्या लिखें, ये लोगों को समझ नहीं आ रहा। ''झ'' कॉलम को भरने में भी उपभोक्ताओं को बहुत परेशानी हो रही है।
व्यावसायिक फार्म : इसमें कॉलम छह में खंड ''क'' में दिए गए पांच विकल्प, खंड ''ख'' में दिए गए पांच विकल्प और खंड ''ग'' और कॉलम सात में दिए गए चार विकल्प समेत कॉलम आठ को भरने में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। संवाद
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गृहकर बिलों की समस्या के निस्तारण के लिए टीम लगी हुई है। हर समस्या का समाधान किया जा रहा है। किसी भी उपभोक्ता को कोई परेशानी नहीं होगी। मकान संख्या का मामला पहले भी उठा है, उसको भी ठीक कराया जा रहा है। - प्रदीप कुमार, मुख्य कर अधीक्षक

मकान नंबर सही नहीं होने की बात कई बार सामने आ चुकी है। अधिकारियाें को इसे ठीक करने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। फार्म भरने में आने वाली दिक्कत को दिखवाकर उसका निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। - उमेश गौतम, महापौर
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