पीलीभीत। आम बजट मंगलवार को संसद में पेश किया जाएगा। इसको लेकर व्यापारियों, शिक्षकों, युवाओं और सीए को खासी उम्मीदें हैं कि इस बार केंद्रीय बजट उनके हित में आएगा। व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी का स्लैब कम हो जाएगा। वहीं सीए का मानना है कि जीएसटी और आयकर के पोर्टलों पर होने वाली तकनीकी समस्याओं के लिए बजट में तकनीकी खामियों में सुधार किया जाएगा। साथ ही महंगाई का फिलअप 30 से घटाकर 25 प्रतिशत तक किया जाएगा।
बजट में उद्योग धंधों पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। नए उद्योगों को लगाने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि रोजगार के अवसर मिल सकें।
- पंकज अग्रवाल, अध्यक्ष राइस मिलर एसोसिएशन
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कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान होने की उम्मीद है।
-डॉ. सुधीर शर्मा, प्रवक्ता अर्थशास्त्र एवं प्राचार्य गन्ना कृषक महाविद्यालय
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डीजल और पेट्रोल से जीएसटी को हटाना चाहिए। इससे मंहगाई पर नियंत्रण होगा। साथ ही आयकर की सीमा में छूट दी जाए। 18 प्रतिशत जीएसटी को कम किया जाना जनहित में होगा।
- अनूप अग्रवाल, अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
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बजट में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर भी कुछ होना चाहिए। टैक्स में छूट दी जाए ताकि कर्मचारियों को लाभ मिल सके।
- हसमुद्दीन खां, जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
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इस बार के बजट से सरकार को रसोई संबंधी सभी वस्तुओं पर महंगाई कम करनी चाहिए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। विभिन्न करों का सरलीकरण अति आवश्यक है। आमजन को रिडीम में समस्याएं आ रही हैं, जिससे निवेश में समस्या हो रही है। इससे इस बार निजात मिलने की उम्मीद है।
- ऋतु महाजन, सीए
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य की सुविधाओं में इस बार राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार को महंगाई को कम करने पर जोर देना चाहिए। वृद्ध लोगों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर इस बजट से सृजित होने की संभावना है।
-ओमकार नाथ पांडेय, सेवानिवृत्त सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी
अनूप अग्रवाल।
अनूप अग्रवाल।
अनूप अग्रवाल।
अनूप अग्रवाल।
अनूप अग्रवाल।