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Bareilly News: पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बुलडोजर से हटवाई भगवान बुद्ध की प्रतिमा, ग्रामीणों में आक्रोश

Thu, 06 Jul 2023 02:34 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

गांव के मुकेश कुमार सागर ने बताया कि खेत स्वामी ने प्रशासन से गलत शिकायत की है। प्रशासन की कार्रवाई भगवान बुद्ध का अपमान है। अमृत लिंगम राव ने बताया कि प्रशासन को सड़क के किनारे बनीं अवैध मजार और मंदिर दिखाई नहीं देते।
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भगवान बुद्ध की प्रतिमा हटाने का ग्रामीणों ने किया विरोध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के रिठौरा क्षेत्र के ग्राम चावड़ में तहसील प्रशासन की मदद से पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बुद्धविहार में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा को बुधवार को बुलडोजर से हटवा दिया। ग्रामीणों को इसका पता चला तो उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया और प्रशासन पर बिना सूचना के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ग्रामीण महिलाएं प्रतिमा के आगे लेट गईं और नारे लगाने लगीं। विरोध के बाद टीम लौट गई, गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया।

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इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चावड़ में गुरु अशोक मित्र ने बुद्ध प्रतिमा की स्थापना की थी। पड़ोस के खेत प्रतिमा लगाने का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतिमा उनके खेत के सामने लगाई गई है, जबकि बौद्ध अनुयायियों का कहना है कि खेत स्वामी ने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा कर चहारदीवरी बना रखी है। वहीं पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि प्रतिमा विभाग की जमीन पर लगी है।

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बुद्ध प्रतिमा के निकट शिव मंदिर भी है। ग्रामीण हेतराम बौद्ध ने बताया कि नायब तहसीलदार विदित कुमार, लेखपाल विपिन पटेल आदि पुलिस बल के साथ यहां आए और बुद्ध प्रतिमा को बुलडोजर से हटवा दिया। ग्रामीणों मौके पर पहुंचे और इसका विरोध किया।

प्रशासन ने विरोध कर रहीं महिलाओं को खदेड़ने की कोशिश की तो गांव के लोग सामने आ गए। बमुश्किल ग्रामीणों को शांत किया गया और मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। इस दौरान अतुल वाल्मीकि, विकास बाबू, विशाल कुमार एडवोकेटे, जसवंत सिंह, करन वाल्मीकि सहित तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।

प्रशासन की कार्रवाई भगवान बुद्ध का अपमान

गांव के मुकेश कुमार सागर ने बताया कि खेत स्वामी ने प्रशासन से गलत शिकायत की है। प्रशासन की कार्रवाई भगवान बुद्ध का अपमान है। अमृत लिंगम राव ने बताया कि प्रशासन को सड़क के किनारे बनीं अवैध मजार और मंदिर दिखाई नहीं देते। स्वतंत्र राव सिद्धार्थ ने कहा कि बुद्ध प्रतिमा से सिर्फ खेत वाले को दिक्कत है और किसी को नहीं है। एक ग्रामीण ने बताया कि पिछले वर्ष में अगस्त में बुद्ध प्रतिमा को खंडित कर दिया था, तब भी काफी हंगामा हुआ था। बाद में पुलिस प्रशासन ने प्रतिमा को सही करवाया था।
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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की जमीन पर मूर्ति लगी थी। शिकायत के बाद टीम गई थी। मौके पर विरोध होने की वजह से टीम को लौटना पड़ा। अब प्रशासन जैसा निर्देश देगा उसके अनुरूप प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 

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एसडीएम सदर के प्रत्युष पांडेय ने बताया कि प्रतिमा पीडब्ल्यूडी की जमीन पर लगी थी। पीडब्ल्यूडी ने तहसील और पुलिस प्रशासन का अमला मांगा था। इसके तहत नायब तहसीलदार विदित कुमार, लेखपाल विपिन पटेल आदि गए थे। तहसील प्रशासन का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
 
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