प्रशासन की कार्रवाई भगवान बुद्ध का अपमान
गांव के मुकेश कुमार सागर ने बताया कि खेत स्वामी ने प्रशासन से गलत शिकायत की है। प्रशासन की कार्रवाई भगवान बुद्ध का अपमान है। अमृत लिंगम राव ने बताया कि प्रशासन को सड़क के किनारे बनीं अवैध मजार और मंदिर दिखाई नहीं देते। स्वतंत्र राव सिद्धार्थ ने कहा कि बुद्ध प्रतिमा से सिर्फ खेत वाले को दिक्कत है और किसी को नहीं है। एक ग्रामीण ने बताया कि पिछले वर्ष में अगस्त में बुद्ध प्रतिमा को खंडित कर दिया था, तब भी काफी हंगामा हुआ था। बाद में पुलिस प्रशासन ने प्रतिमा को सही करवाया था।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की जमीन पर मूर्ति लगी थी। शिकायत के बाद टीम गई थी। मौके पर विरोध होने की वजह से टीम को लौटना पड़ा। अब प्रशासन जैसा निर्देश देगा उसके अनुरूप प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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एसडीएम सदर के प्रत्युष पांडेय ने बताया कि प्रतिमा पीडब्ल्यूडी की जमीन पर लगी थी। पीडब्ल्यूडी ने तहसील और पुलिस प्रशासन का अमला मांगा था। इसके तहत नायब तहसीलदार विदित कुमार, लेखपाल विपिन पटेल आदि गए थे। तहसील प्रशासन का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।