बरेली। फरीदपुर के गांव सिंधवा नखीगंज में रहने वाले मिथलेश राठौर को रोजगार मेले में चयनित करके नियुक्तिपत्र दे दिया गया। जब ज्वाइनिंग की बारी आई तो कंपनी के लोगों ने उनसे रिश्वत मांगनी शुरू कर दी। मिथलेश ने कंपनी के अधिकारी से हुई बातचीत को रिकॉर्ड करके फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल से शिकायत की है।
मिशन रोजगार योजना के तहत सेवायोजन विभाग के अफसर जिले भर में जगह-जगह रोजगार मेलों का आयोजन कर रहे हैं। ऐसे ही रोजगार मेले का आयोजन 21 जुलाई को फरीदपुर स्थित विद्या आईटीआई में किया गया था। इसमें शाहजहांपुर, पीलीभीत और बरेली जिलाें से करीब 1500 युवा पहुंचे थे। युवाओं के चयन के लिए 17 कंपनियों की टीमें पहुंची थी। साक्षात्कार के बाद करीब 200 युवाओं को नौकरी के लिए चयनित किया गया। इनमें मिथलेश राठौर भी थे।
25 हजार रुपये प्रतिमाह की दी नौकरी
मिथलेश ने बताया कि नोएडा से आई एक कंपनी ने सुपरवाइजर के पद पर उनका चयन किया। 25 हजार रुपये प्रतिमाह तनख्वाह बताई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, सेवायोजन और आईटीआई के अधिकारियों ने उन्हें नियुक्तिपत्र सौंपा। बकौल मिथलेश वह बहुत खुश थे कि उन्हें नौकरी मिल गई है। एमए और एमलिब करने के बावजूद वह घर पर बेरोजगार बैठे थे और लगातार नौकरी की तलाश कर रहे थे।
सप्ताह भर इंतजार के बाद किया फोन
बकौल मिथलेश नियुक्तिपत्र मिलने के बाद वह नौकरी मिलने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे। लिहाजा सप्ताह भर तक ज्वाइनिंग के लिए कंपनी का फोन आने का इंतजार करते रहे। मगर फोन नहीं आया तो खुद ही कंपनी की ओर से दिए गए नंबरों पर संपर्क किया। वहां बात करने पर उनसे दस हजार रुपये की मांग की गई। उन्होंने गरीबी का हवाला दिया तो वह व्यक्ति पांच हजार रुपये देकर अपनी सीट रिजर्व कराने की बात कहने लगा। मगर उनके पास रुपये नहीं थे, इसलिए उनकी नौकरी की बात आगे बढ़ सकी। उन्होंने कंपनी के कर्मचारी से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कर फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल से शिकायत की है।
नियुक्तिपत्र देने के बाद ज्वाइनिंग के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला गंभीर है। सेवायोजन विभाग से बात करके ऐसा करने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी ताकि कंपनी दूसरों के साथ ऐसा न कर सके। - प्रो. श्याम बिहारी लाल, विधायक फरीदपुर
सेवायोजन पोर्टल पर जो कंपनियां पंजीकृत हैं और अपने यहां वैकेंसी की ऑनलाइन रिक्वेस्ट भेजती हैं, उन्हीं को रोजगार मेले में शामिल किया जाता है। अगर किसी कंपनी के व्यक्ति ने रिश्वत मांगी है तो युवक लिखित शिकायत करे। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करके उसे ब्लैकलिस्ट कराया जाएगा। - त्रिभुवन सिंह, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी