विधानसभा चुनाव के बाद से तनाव
पिछले विधानसभा चुनाव में योगेश पटेल भोजीपुरा से टिकट मांग रहे थे मगर, पार्टी ने बहोरन लाल मौर्य पर भरोसा जताया। इसके विरोध में योगेश पटेल बसपा में शामिल हो गए। बसपा के टिकट पर वह मैदान में भी उतरे। योगेश पटेल को 26,909 वोट मिले। वहीं, भाजपा प्रत्याशी को सपा के शहजिल इस्लाम अंसारी ने 9409 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। माना जाता है कि योगेश पटेल के लड़ने की वजह से ही भाजपा को भोजीपुरा सीट गंवानी पड़ी थी। पिछले दिनों योगेश पटेल भाजपा में शामिल जरूर हो गए मगर अब तक बहोरन लाल मौर्य और उनके दिल नहीं मिल पाए हैं।
पूर्व विधायक बहोरन लाल मौर्य ने कहा कि मंच पर संचालक ने व्यवस्था की थी कि पहले पार्टी पदाधिकारी और फिर प्रधान आदि को स्वागत करना था। एक प्रधान और बीडीसी ने क्रम तोड़ा तो उन्हें टोका गया था। धक्का देने या किसी से अभद्रता का कोई मामला नहीं था। योगेश पटेल क्या कह रहे हैं, इस बारे में हमें जानकारी नहीं है।
ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल ने कहा कि स्वागत करने जा रहे एक प्रधान को पूर्व विधायक बहोरन लाल ने तो एक बीडीसी को उनके भाई ने धक्का दिया। प्रधान और बीडीसी पार्टी की जड़ों को मजबूत करते हैं। इस तरह का अपमान नहीं देखा गया तो हमने नाराजगी जताई थी। और कोई बात नहीं थी।