बरेली। ई-बस चार्जिंग स्टेशन में बस के एसी का कंप्रेशर फटने से हुए जोरदार धमाके से आसपास मौजूद लोग दहल गए। धमाके के साथ ही बस की छत पर बैठकर काम कर रहे मैकेनिक विजय करीब 50 फुट हवा में उछलकर जमीन पर गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर चार्जिंग स्टेशन पर अन्य लोगों होते तो वे भी चपेट में आ सकते थे।
शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रही 15 इलेक्ट्रिक बसों में से एक बस का बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 11 बजे मैकेनिक विजय कुमार छत पर चढ़कर एसी की मरम्मत कर रहे थे। उनके साथ में टेक्नीशियन नरेंद्र और सर्विस इंजीनियर बबलू भी थे। एसी का कंप्रेशर रिपेयर करने के बाद बस की छत पर ही बैठकर विजय, नरेंद्र और बबलू गैस भर रहे थे। तभी अचानक कंप्रेशर फट गया और विजय कई फुट हवा में उछलकर जमीन पर जा गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई, जबकि विजय से थोड़ी दूर पर मौजूद नरेंद्र और बबलू साइड से नीचे गिर गए।
प्रत्यक्षदर्शी कमल यादव के मुताबिक वह शहर से फतेहगंज पश्चिमी किसी काम से जा रहे थे। चार्जिंग स्टेशन के सामने पहुंचे तभी तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने उस तरफ देखा तो एक व्यक्ति हवा में उछलकर नीचे गिर रहा था। लोगों का कहना था कि धमका इतना तेज था कि ऐसा लग रहा था कि अगर थोड़ा और पास होते तो कान के पर्दे फट जाते। घटनास्थल पर जगह-जगह सेफ्टी हेलमेट समेत कई लोहे के पुर्जे पड़े थे। जगह-जगह पड़ा खून और मृतक के अंग हादसे की भयावहता बता रहे थे। घटना के बाद किला पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने कपड़े से जगह-जगह पड़े मृतक के अंगों को ढका। पुलिस ने विजय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
किसी ने खोल दिया था चार्जिंग प्वाइंट
जांच में पता चला है कि चार्जिंग के दौरान ही बस के एसी में खराबी की जानकारी हुई, इसके बाद ही टेक्नीशियन, सर्विस इंजीनियर और मैकेनिक को बुलाया गया। तीनों ने काम शुरू करने से पहले बस की चार्जिंग बंद कर दी थी लेकिन किसी ने चार्जिंग फिर खोल दी, जिससे हादसा हो गया। हालांकि इस बात की जिला और पुलिस प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है।
गार्ड ने गेट बंद कर रोकी भीड़
धमाका होते ही आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। अनहोनी की आशंका में बड़ी तादाद लोग चार्जिंग स्टेशन की तरफ दौड़ पड़े। भीड़ के चार्जिंग स्टेशन में घुसने पर गार्ड ने गेट बंद कर दिया और अंदर घुसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद भी काफी देर तक भीड़ चार्जिंग स्टेशन के गेट पर जमी रही।