आईएमसी की युवा विंग का जिलाध्यक्ष है मुख्य आरोपी
शुरुआत में फिजा के साथ अभद्र व्यवहार के बाद मारपीट की बात बताई गई थी। बाद में पुलिस की जांच में मामला संपत्ति के विवाद का निकला था। दरअसल, शारिक की ओर से आरोपी पक्ष के खिलाफ संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश को लेकर शिकायत की गई थी। शारिक ने बताया कि वह भाजपा से जुड़े हैं और राष्ट्रवादी नीतियों का समर्थन करते हैं। वहीं, मुख्य आरोपी साजिद सकलैनी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल की युवा शाखा का जिलाध्यक्ष है।
शारिक पर लगाए आरोप
आईएमसी के प्रवक्ता मुनीर इदरीसी ने बताया कि विवाद मदीना साहब की मजार से संबंधित 250 वर्गगज जमीन का है। हुजूर के इंतकाल के बाद इस जगह की देखरेख उनके पांच मुरीदों के जिम्मे थी। उनमें तीन हिंदू हैं जो बड़े व्यवसायी हैं। बाकी दो मुस्लिम मुरीद यहां देखरेख करते हैं। शारिक सत्ता पक्ष की धौंस दिखाकर इस संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है। मामला आईएमसी प्रभारी मौलाना तौकीर रजा की जानकारी में आया है। वह अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे।
सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि मैं शोभायात्रा जुलूस की तैयारी और शांति समिति की बैठक में था, इसलिए पिटाई से गर्भपात मामले की जानकारी नहीं हो सकी। अगर ऐसा है तो आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।