यह सुनते ही कई ब्लॉक प्रमुख बोल पड़े- ग्राम पंचायत अधिकारी और जेई ने भी निजी कर्मचारी रख लिए हैं। जल जीवन मिशन में प्रशिक्षण देने के लिए एनजीओ वसूली कर रहा है। कुछ लोग पेयजल आपूर्ति के संचालन के लिए सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बीस हजार से लेकर एक-एक लाख रुपये तक वसूल रहे हैं।
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इस पर डीएम ने कहा कि अगर ऐसा है तो उस व्यक्ति की ओर से तहरीर दिलाएं, जिससे रुपये लिए गए या मांगे गए। मांगने वाले को नामजद कराइए। अगर रुपये लिए गए हैं तो सबसे पहले वापस कराएंगे। फिर उसे जेल भी भेजा जाएगा। नवाबगंज के विधायक एमपी आर्य ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए सामान समय पर न दिए जाने का मुद्दा उठाया। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि किसान अपने खेत में पेड़ लगाएं। पेड़ निशुल्क मिलेगा। मजदूरी मनरेगा से मिलेगी।
बारिश में डामर रोड क्यों बना रहे
सांसद घर्मेंद्र कश्यप ने लाल फाटक से रामगंगा तक मार्ग के चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया। बोले- बारिश के दौरान डामर रोड नहीं बनाई जाती, फिर क्यों बनाई जा रही? उन्होंने खुद काम रुकवाया है। ऐसा रहेगा तो सड़क को मजबूती कैसे मिलेगी? तब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने जवाब दिया कि अब ऐसा नहीं होने देंगे।
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सांसद ने कहा कि विशारतगंज से अलीगंज मार्ग प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनाया जा रहा है। सड़क अभी तक पूरी नहीं हुई। कई और सड़कें ऐसे ही उखड़ी पड़ी हैं। बदायूं रोड पर लाल फाटक ओवर ब्रिज पर लाइटें नहीं लगीं। सावन में हादसों का खतरा है। फतेहगंज पूर्वी से दातागंज मार्ग पर बड़े बड़े गड्ढे हैं।