मेयर चुनाव के टिकट बंटवारे की लंबी खींचतान के बाद नामांकन में जोर-आजमाइश का मौका था। सपा से उम्मीदवार डॉ. इकबाल सिंह तोमर तमाम दिग्गज साथियों, सपाई कुनबे के अलावा समर्थकों की पूरी फौज के साथ अपनी ताकत का एहसास विरोधियों को भी करा गए। पूरा नजारा भांपने के बाद द्रोण रूपी पिता केके गौतम का आशीर्वाद लेकर नामांकन कराने निकले भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम ने दमखम दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, मगर उनके समर्थकों की फौज में कैडर, संगठन, दिग्गज और बाकी दावेदारों के नाम पर इक्का-दुक्का शक्लें ही चमक रही थीं, उन्हें होशियारी से शहरवासियों के सामने किया गया था ताकि और सवाल खड़े न हों। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी अजय शुक्ला भी कैडर संगठन के नाम पर कुछ चेहरों के साथ नामांकन करवाकर कांग्रेस की शक्ति के दावे कर गए। बसपा प्रत्याशी यूसुफ जरीवाला भी कुछ साथियों के साथ नामांकन कराने के बाद जीत का गणित समझा गए। नामांकन जुलूस में किए शक्ति प्रदर्शन में हालांकि जीत का अंदाजा लगाना बेमानी ही है, मगर शहर में चर्चाएं और जोर पकड़ने लगी हैं। सबके अपने गणित हैं, मगर बृहस्पतिवार को पहली बार मेयर चुनाव का माहौल शहर में बनता दिखाई पड़ा।