बरेली। केंद्र सरकार की ओर से 18 जून को सीआरएस पोर्टल को अपडेट कर डीसी सीआरएस कर दिया गया है। इसमें कई खामियां सामने आ रही हैं। जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए लोग नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं, पर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। पोर्टल के पूर्ण रूप से काम नहीं करने की वजह से दिनभर सिर्फ अपलोडिंग ही चल रही है। इससे कर्मचारी भी परेशान हैं। वह एक ही काम में उलझकर रह जाते हैं। दूसरे काम नहीं हो पाते। इधर, पेंडेंसी भी बढ़ रही है।
नगर निगम में अभी तक 300 जन्म और 50 मृत्यु प्रमाणपत्र की फाइलें अटकी हैं। कर्मचारियों के मुताबिक पूर्व के ही कामों की अपलोडिंग में पूरा दिन गुजर जा रहा है। एक दिन में सिर्फ तीन-चार प्रमाणपत्रों पर काम हो पा रहा है। नए पोर्टल पर संशोधित हो चुके जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों की फाइलें भी अपलोड हैं, लेकिन उनके शपथपत्र का डाटा गायब है। 80 मृत्यु और 200 जन्म प्रमाणपत्रों का डाटा संशोधित हो चुका है, लेकिन वह नए पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा है।
नौ सितंबर 2015 के बाद के प्रमाणपत्रों में आ रही दिक्कत
पोर्टल में बदलाव के बाद से ज्यादातर विभागों व संस्थाओं ने डीसी प्रमाणपत्रों की मांग शुरू कर दी है। इसमें स्कूल आदि भी शामिल हैं। ऐसे में नौ सितंबर 2015 के बाद जारी प्रमाणपत्रों के रजिस्ट्रेशन नए पोर्टल पर नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से लोग लगातार निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
हिंदी में गलतियों की भरमार
अस्पतालों में भरे जाने वाले फार्म को नए पोर्टल के साथ अपडेट किया दिया है। इसमें अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी फार्म को भरना होता है, पर अस्पतालों की ओर से हिंदी का डाटा भरने में काफी गलतियां सामने आ रही हैं। नगर निगम के कर्मचारी नए पोर्टल पर इन गलतियों का संशोधन कर रहे हैं।
क्यूआर कोड की सुविधा भी बंद
नए पोर्टल में क्यूआर कोड सुविधा भी बंद कर दी गई है। अब पहले की तरह प्रमाणपत्र नहीं निकाल सकते। इसके लिए अब नगर निगम ही आना पड़ेगा। प्रमाणपत्र नगर निगम के अलावा किसी भी कैफे आदि से नहीं निकलेंगे। इस वजह से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। संवाद
समस्या को लेकर रोजाना ई-मेल की जा रही है। नए पोर्टल का अपडेशन भी चल रहा है। समस्याओं को चिह्नित कर आगे बढ़ाया जाता है। कई समस्याओं का निस्तारण भी हो चुका है। - पूजा त्रिपाठी, उपनगर आयुक्त व रजिस्ट्रार