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Bareilly News: कल्लू डॉन से दोस्ती निभाने में भुता पुलिस ने कराई फजीहत; जानिए क्या है पूरा मामला

Sun, 23 Apr 2023 10:59 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

फतेहगंज पश्चिमी में संपत्ति कब्जाने की कार्रवाई के बाद से कल्लू डॉन बरेली के ग्रीन पार्क की आलीशान कोठी में रह रहा था। भुता पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। बाद में उसने योजना के तहत सरेंडर कर दिया था। 
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शाहिद उर्फ कल्लू डॉन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में इसे भुता थाना पुलिस की लापरवाही कहें या मिलीभगत, चर्चित स्मैक तस्कर कल्लू डॉन बाइज्जत जमानत होकर अपने घर पहुंच गया और परिवार के संग ईद मनाई। उसके सरेंडर से लेकर रिहाई तक पुलिस हर मोर्चे पर शिकस्त खाती नजर आई।

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कुछ माह पहले भुता थाना पुलिस ने दो लोगों को स्मैक के साथ पकड़ा था। पुलिस को पूछताछ में पता लगा कि यह लोग स्मैक फतेहगंज पश्चिमी के चर्चित स्मैक तस्कर मोहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू डॉन से खरीदकर लाए थे। इसके बाद पुलिस ने कल्लू डॉन को भी आरोपी बना दिया। 

फतेहगंज पश्चिमी में संपत्ति कब्जाने की कार्रवाई के बाद से कल्लू डॉन बरेली के ग्रीन पार्क की आलीशान कोठी में रह रहा था। भुता पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। इस बीच निकाय चुनाव में पत्नी इमराना बेगम को चुनाव लड़ाने के लिए डॉन को फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में खुले में घूमना था तो उसने योजना के तहत कोर्ट में सरेंडर कर दिया। भुता पुलिस के लिए यह शर्मिंदगी की बात रही। 

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एसपी देहात ने लगाई विवेचक को फटकार 

इस बीच विवेचक अफसार अहमद ने जल्दबाजी में चार्जशीट तैयार कर भेज दी। एसपी देहात को जानकारी हुई तो उन्होंने विवेचक को फटकार लगाकर इसे वापस कराया। अधिकारियों का तर्क था कि पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड) में कुछ बरामदगी करने से ही केस मजबूत हो सकता है नहीं तो मुकदमा छूट जाएगा। तब दूसरे दरोगा हेमराज को विवेचना दी गई। 

उन्होंने जेल में जाकर कल्लू के बयान दर्ज किए। फिर कोर्ट से रिमांड मांगी। करीब 12 घंटे की रिमांड में उन्होंने भी कुछ बरामद नहीं किया। मामला दोबारा कोर्ट पहुंचा तो पुलिस की कमजोर तफ्तीश धड़ाम हो गई और कल्लू डॉन की एनडीपीएस कोर्ट में जमानत मंजूर कर ली गई। शुक्रवार रात जेल भेजे गए परवाने में कोई कमी निकली, बताते हैं कि इसे भी रातोंरात दुरुस्त लिया गया और डॉन ने ईद की नमाज कस्बे में अपने लोगों के बीच पढ़ी।

नए विवेचक ने जेल में कल्लू के बयान दर्ज करने के बाद एनडीपीएस कोर्ट में पत्र पेश कर दावा किया कि कल्लू ने बताया है कि उसने स्मैक ऐसी जगह छिपा दी है जहां कोई व्यक्ति नहीं खोज सकता। साथ जाकर सिर्फ वही उस स्मैक को बरामद करा सकता है। इसलिए उसकी रिमांड बेहद जरूरी है। कोर्ट ने विवेचक की बात पर भरोसा करते हुए रिमांड मंजूर कर दी। 

कुछ न बरामद कर सकी पुलिस 

इधर, कल्लू के वकील के प्रार्थना पत्र पर गौर देकर वकील को रिमांड के दौरान साथ रहने और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के भी निर्देश दिए। भुता एसओ राजेश बाबू मिश्रा, केस के विवेचक समेत पुलिस बल ने कल्लू डॉन को 12 घंटे साथ घुमाया पर कुछ बरामद न कर सके। पुलिस की कहानी फ्लॉप होने पर जमानत का रास्ता बन गया।

कल्लू डॉन की वापसी ने उसके नेटवर्क को संजीवनी दी है। उसके खेमे में जश्न का माहौल है। शनिवार को पूरे दिन उसके यहां मिलने वालों का तांता लगा रहा। उसकी पत्नी इमराना पहले ही फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर चुकी है। वह अब दमखम से पत्नी को चेयरमैन का चुनाव लड़ाएगा।

इस मामले में भी स्मैक नहीं हुई थी बरामद 

तीन महीने पहले बिथरी थाना प्रभारी अश्विनी कुमार फतेहगंज पश्चिमी थाने के प्रभारी थे। उन्होंने स्मैक तस्करी के मामले में भमोरा थाने के खना गौंटिया निवासी अनीस को आरोपी बनाया था। अनीस ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया तो उसका बयान दर्ज करने के बाद अश्विनी कुमार ने भी इसी तरह कोर्ट से रिमांड मांगी। उन्हें भी स्मैक नहीं मिल सकी थी, जिसका फायदा अनीस को मिला।

हत्या या हमले जैसे मामले में पुलिस तमंचा और दूसरे आला कत्ल तत्काल बरामद कर लेती है पर स्मैक बरामदगी में गच्चा खा जाती है। वैसे इसे लेकर चर्चा है कि रिमांड के नाम पर आरोपी पर बरामदगी दिखाकर तगड़ी कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है। 
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सूत्र बताते हैं कि डील हो जाने पर बरामदगी नहीं दिखाई जाती जबकि डील फेल होने पर दिखा दी जाती है। हालांकि अंदरखाने विभाग के लोग तर्क देते हैं कि वकील और कैमरा साथ होने से बरामदगी में अड़चन होती है। ऐसे में तर्क है कि जब गोपनीय स्थान पर स्मैक या माल रखा जाता है तो कैमरे के सामने उसे बरामद करने में क्या समस्या है, अगर माल होता ही नहीं है तो फिर कोर्ट को गुमराह करने की क्या जरूरत है।

एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पुलिस के स्तर पर कोई खामी नहीं है। पुलिस इसी आरोपी की नौ करोड़ 19लाख की संपत्ति फ्रीज करा चुकी है और दर्जन भर मुकदमे कर उसे कानूनी शिकंजे में फांस चुकी है। गैंगस्टर के मुकदमे में कल्लू करीब नौ माह जेल में रहा। स्मैक बरामद नहीं हो सकी, यह सच है पर पुलिस अपनी ओर से हरसंभव कार्रवाई करेगी। 
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