परचम कुशाई होते ही मजहबी नारे व आला हजरत की लिखी नात-ओ-मनकबत गूंजने लगी। परचम को इस्लामिया कॉलेज के मुख्य द्वार पर लगा दिया गया। तीन दिन तक चलने वाले इस उर्स में शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में जायरीन भी पहुंच चुके हैं। इससे पहले आजम नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास पर फातिहाख्वानी की गई। लंगर के बाद परचमी जुलूस दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की कयादत में कुमार टाकीज, इंदिरा मार्केट होते हुए बिहारीपुर ढाल के रास्ते दरगाह पहुंचा। यहां सलामी देने के बाद जुलूस दरगाह प्रमुख हजरत सुब्हानी मियां की कयादत में वापस इस्लामिया मैदान पहुंचा। यहां हाजी गुलाम सुब्हानी व आसिम नूरी ने महफ़िल-ए-मीलाद पेश की।
रात में मुशायरे की महफिल सजी। रात 10:35 बजे आला हजरत के बड़े साहिबजादे हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रज़ा खान (हामिद मियां) के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने हामिद मियां के व्यक्तित्व पर रोशनी डाली। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सोमवार को सुबह छह बजे कुरानख्वानी होगी। 9:58 बजे रेहान-ए-मिल्लत व 10:30 बजे मुफस्सिर-ए-आजम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद ‘आपसी सौहार्द’ कॉन्फ्रेंस होगी। दिन में कार्यक्रम व चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा। रात में दुनियाभर के मशहूर उलमा की तकरीर होगी। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आज़म-ए-हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।
एसएसपी ने उर्स की सुरक्षा का जायजा लिया
आला हजरत के उर्स का आगाज सघन सुरक्षा बंदोबस्त के बीच हो गया। दोपहर के वक्त एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने मथुरापुर सेंटर जाकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। एसएसपी ने वहां फोर्स की तैनाती और डायवर्जन देखा।
पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के बारे में जानकारी लेने के साथ ही समस्या के बारे में भी बात की। फिर यातायात पुलिस के ड्यूटी प्वाइंट मिनी बाइपास, झुमका तिराहा, दूल्हे मियां की मजार को चेक करते हुए शहर में आए। यहां नगर निगम के इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर जाकर पुलिस की तैनाती परखी। एसएसपी ने कंट्रोल रूम के स्टाफ को अपराध नियंत्रण व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों पर लगातार नजर रखने के लिए प्रेरित किया। कहा कि किसी भी तरह की घटना की तत्काल सूचना संबंधित थाना पुलिस व अधिकारियों को देकर व्यवस्था बेहतर बनाने में सहयोग करें।