बरेली। प्रदेश में संचालित बीएड व डीएलएल के 350 से अधिक कॉलेजों का बीएड सत्र शून्य हो सकता है। इनमें रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 कॉलेज भी शामिल हैं। इन कॉलजों ने अब तक राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (पीएआर) नहीं दी है। इस रिपोर्ट में शिक्षकों की संख्या से लेकर विद्यार्थियों व कॉलेज की जानकारी अपलोड करनी होती है। कॉलेजों को एनसीटीई ने 15 सितंबर तक का समय दिया है। यदि इस तिथि तक डाटा अपलोड नहीं करेंगे तो बीएड की 35 हजार से अधिक सीटें कम हो सकती हैं। एनसीटीई ने पहले भी इन कॉलेजों को चेताया था।
परिणाम की संभावित तिथि जानी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को फिर से पत्र लिखकर पूछा है कि उनके यहां स्नातक फाइनल ईयर के परिणाम कब तक जारी किए जाएंगे। परिणाम की संभावित तिथि जानी है। उसी के मुताबिक बीएड की काउंसिलिंग की तिथि तय होगी। बताया जाता है कि दस सितंबर के बाद काउंसिलिंग शुरू हो सकती है।
सीटों का डाटा पांच तक दे सकेंगे कॉलेज
बीएड की सीटों की जानकारी प्रदेश के सभी कॉलेजों से मांगी गई थी लेकिन अब तक पूरा डाटा नहीं आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अब तिथि बढ़ाकर पांच सितंबर कर दी है। कॉलेजों का डाटा अपलोड होने के बाद ही तय हो पाएगा कि कितने विद्यार्थियों को काउंसिलिंग के जरिये दाखिला मिल पाएगा। पिछले साल सीटों की संख्या लगभग सवा दो लाख थी। इस बार भी सीटों की संख्या इसी के आसपास रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर कुछ बीएड कॉलेजों ने परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट एनसीटीई को नहीं दी है। ऐसे कॉलेजों में बीएड की काउंसिलिंग होगी या नहीं, इस पर निर्णय नहीं हो पाया है।
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सूबे के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है। पूछा गया है कि उनके यहां स्नातक फाइनल ईयर के परिणाम कब तक जारी होंगे। जैसे ही सूचना आ जाएगी, उसी के साथ बीएड काउंसिलिंग की तिथि घोषित हो जाएगी। एनसीटीई ने भी कई कॉलेजों से डाटा अपलोड करने के लिए निर्देश दिए हैं। अन्यथा उन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
- प्रो. पीवी सिंह, राज्य समन्वयक, बीएड प्रवेश परीक्षा