बरेली। सिंगल स्टोरी का नक्शा मंजूर कराकर 35 डबल स्टोरी मकान बना देने पर बृहस्पतिवार को बीडीए की टीम सोबती बिल्डर्स की गोल्डन ग्रीन पार्क कॉलोनी में जा धमकी। पहले मकान पर बुलडोजर चला तो बिल्डर के स्टाफ ने बतौर कंपाउंडिंग फीस एक करोड़ रुपये जमा कर दिए। हालांकि इसके बावजूद बीडीए ने रिकॉर्ड की जांच कराने की बात कहते हुए सभी मकानों को सील कर दिया।
गोल्डन ग्रीन पार्क के पिछले हिस्से में नदी के पास जमीन पर सोबती बिल्डर्स ने करीब 35 दो मंजिला भवन बनाए हैं। बीडीए के मुताबिक इन भवनों का नक्शा सिंगल स्टोरी का है लेकिन उन्हें डबल स्टोरी बनाया गया है। बीडीए ने इसकी जांच कराकर बिल्डर को नोटिस जारी किया था लेकिन नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। बीडीए के दोबारा नोटिस जारी करने पर बिल्डर की ओर से कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया लेकिन फीस जमा नहीं की गई।
बृहस्पतिवार शाम बीडीए की टीम जेई हरीश चौधरी के नेतृत्व में बुलडोजर लेकर गोल्डन ग्रीन पार्क पहुंच गई। बुलडोजर ने जैसे ही एक भवन की ग्रिल को तोड़ना शुरू कर दिया। इसी दौरान स्टाफ के साथ पहुंचे अकाउंटेंट ने बीडीए की टीम को रोकने की कोशिश लेकिन उसने कार्रवाई रोकने से इन्कार कर दिया। अकाउंटेंट ने कंपाउंडिंग की फीस जल्द जमा करने का भरोसा दिलाया लेकिन फिर भी बीडीए टीम नहीं मानी तो एक करोड़ रुपये जमा कर दिए गए।
बीडीए की टीम इसके बाद सभी भवनों को सील करके लौट गई। बीडीए अधिकारियों ने बताया कि पूरे रिकॉर्ड की जांच होने तक भवनों को सील रखा जाएगा। बीडीए की टीम में जेई रमन कुमार, एसके सिंह, सुनील गुप्ता आदि शामिल थे। इस संबंध में बिल्डर चरनपाल सिंह सोबती से फोन पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर बंद मिला।
‘सोबती बिल्डर्स ने 26 विला बनाने के लिए सिंगल स्टोरी का नक्शा पास कराया गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि सभी डबल स्टोरी बना दिए गए हैं। टीम कार्रवाई के लिए गई थी लेकिन भवन स्वामी ने एक करोड़ रूपये जमा करा दिए हैं। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई।’
- जोगिंदर सिंह, वीसी, बीडीए