कछला। कछला गंगा घाट पर लगातार चार हादसों में दो युवकों की मौत के बाद नगर पंचायत प्रशासन को चेता है। इसके बाद मंगलवार को घाट पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। वहीं, होमगार्ड को तैनात कर दिया गया है।
कछला गंगा घाट पर पिछले दो दिन में दो युवकों की डूबकर मौत हो चुकी है। जबकि एक युवक लापता है। रविवार को मथुरा के गांव सतोहा के मझरा दतिया निवासी विवेक शर्मा (22) पुत्र प्रमोद शर्मा अपने परिवार के साथ गंगा स्नान करने आए थे। इसी दौरान उनकी गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई थी। रविवार को दो और युवक गंगा में बह गए थे। उनमें मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नगला भिंड़ निवासी मुकेश कुमार (22) को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि राजस्थान के भरतपुर निवासी छवि शंकर (23) अभी लापता हैं। वह अपने परिवार के साथ कछला गंगा घाट पर ताऊ की अस्थियां विसर्जन करने आए थे। वहीं, सोमवार को दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी कमल उर्फ कुणाल की गंगा में डूबकर मौत हो गई थी। यह हादसे कहीं न कहीं नगर पंचायत कछला की लापरवाही से हुए। दरअसल, पंचायत प्रशासन की ओर से कोई भी बैरिकेडिंग नहीं कराई गई थी। कोई संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाया है। इससे लगातार दो दिन में दो युवकों की मौत हो गई थी। मंगलवार को बैरिकेडिंग कराई गई। बल्लियां लगाकर उस पर रस्सी बांध दी गई और प्रत्येक बल्ली पर झंडी लगा दी गई है, जिससे लोग ज्यादा गहराई में जाकर स्नान न करें।
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बाहरी लोगों को नहीं है जानकारी, सुरक्षा के साधन भी नहीं
- कछला गंगा घाट पर रोजाना अलग-अलग प्रदेशों और जिलों के लोग गंगा स्नान करने आते हैं। अधिकतर लोगों को गंगा घाट पर गहराई का पता नहीं होता और यहां सुरक्षा के साधन भी नहीं हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया था कमल
बदायूं। कछला गंगा घाट पर दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी कमल उर्फ कुनाल की पानी में डूबकर सोमवार को मौत हो गई थी। वह अपने परिवार के 28 सदस्यों के साथ बस लेकर कछला गंगा घाट पर दादी की अस्थियां विसर्जन करने आया था। गंगा स्नान के दौरान वह ज्यादा गहराई में चला गया था। करीब आधा घंटा बाद उसे गंगा से बाहर निकाला गया था। उसके बाद परिवार वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए थे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। मंगलवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वह बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। संवाद
- नगर पंचायत को ज्यादा धनराशि नहीं मिलती है। कम बजट में सुविधाएं दी जा सकती हैं। वह दी जा रही हैं। हर बार मेला पर या गंगा दशहरा पर डूबने से बचाने के इंतजाम किए जाते हैं लेकिन अब हादसों को देखकर बैरिकेडिंग कराई गई है।- जगदीश सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष, कछला