गुजरात में एक युवक की हत्या मामले में एटीएस ने दिल्ली से मौलाना कमर गनीं उस्मानी को गिरफ्तार किया है। मौलाना कमर के तार बरेली से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। गुजरात के घंघूका कस्बे में एक युवक किशन भरवाड की हत्या हुई थी। इस आरोप में गुजरात की एटीएस ने दिल्ली से गत दिवस रविवार को मौलाना कमर गनी को उनके चार साथियों सहित गिरफ्तार किया है। इसके बाद मौलाना को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया है। अलबत्ता उसके साथियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। बताते हैं कि मौलाना गनी बाराबंकी का रहने वाला हैं। कई साल पहले यहां बरेली में रहकर एक संगठन के लिए लंबे समय तक काम किया। मौलाना की कुछ संदिग्ध और गलत हरकतों की वजह से उसे यहां से हटा दिया गया। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वही अपना ठिकाना बनाया। दिल्ली के एक इलाके में रहते हुए वहां के कुछ लोगों को अपने साथ जोड़ कर तहरीक फरोग ए इस्लाम नाम का संगठन बनाया। इसका कार्यालय एक किराए के मकान में खोला। लोगों का बताना है कि इस संगठन के माध्यम से उसमें देश के कई प्रांतों में कार्यक्रम आयोजित कर कई भड़काऊ भाषण भी दिए हैँ। कुछ लोगों का यह भी बताना है कि दो माह पूर्व त्रिपुरा में हुए सांप्रदायिक दंगों में मौलाना 15 दिन जेल में भी रह चुका है। सूत्र बताते हैं कि गत दिनों मौलाना बरेली आया था और शहर की कुछ मास्जिद के इमामों को अपने संगठन से जोड़ा है और उन्हें इस जिले की जिम्मेदारी भी पदों के साथ दी है। सिर्फ बरेली ही नहीं उसने पूरे बरेली मंडल में अपने पांव पसार रखें हैं। जगह-जगह से चंदा वसूली भी करता रहता है।