बरेली। पराग डेयरी की आइसक्रीम इस बार से गाजियाबाद व नोएडा में भी बिकेगी। अभी तक प्रदेश के 12 जिलों में बरेली की आइसक्रीम बिक रही है। बावजूद इसके फैक्टरी अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही है।
बदायूं रोड स्थित पराग डेयरी में 108 करोड़ की लागत से ग्रीन फील्ड प्लांट लगाया गया है। इसी में आइसक्रीम प्लांट भी लगा है। 2022 में शुरू हुए इस प्लांट में रोजाना 10 हजार लीटर आइसक्रीम बनाने की क्षमता है। प्लांट में आइसक्रीम के 63 तरह के उत्पाद बन रहे हैं। जो कि विभिन्न शहरों में भेजे जा रहे हैं। प्रदेश के 12 शहरों में आइसक्रीम भेजने के बाद भी प्लांट को पूरी क्षमता से नहीं चलाया जा रहा है। अभी महज दो से तीन हजार लीटर आइसक्रीम ही प्रतिदिन बनाई जा रही है। वजह यह है कि उत्पादन क्षमता के अनुसार मांग नहीं आ पा रही है। यही कारण है कि पिछले साल 70 लाख रुपये की ही आइसक्रीम बिक पाई। अधिकारी इस बार इसे एक करोड़ रुपये करने का लक्ष्य लेकर चल रह हैं। फैक्टरी के अधिकारियों का कहना है कि एक अप्रैल से मांग बढ़ने की संभावना है। आइसक्रीम के लिए इस बार गाजियाबाद व नोएडा जैसे बड़े शहर चुने गए हैं। यहां डिस्ट्रीब्यूटर बनाकर आइसक्रीम बेची जाएगी। इसके लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।
इन शहरों में बिक रही पराग की आइसक्रीम
पराग फैक्टरी से बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं के अलावा लखनऊ, मुरादाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, मेरठ, हरदोई, अमरोहा में पराग फैक्टरी की बनी आइसक्रीम बिक रही है।
शहर में 40 पार्लर, लेकिन चल रहे 25
शहर में पराग डेयरी के 40 आइसक्रीम पार्लर है, लेकिन इनमें से केवल 25 ही चल रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि फ्रीजर नहीं है। अभी फैक्टरी के पास 50 फ्रीजर है। लेकिन इससे चौगुने से ज्यादा फ्रीजर चाहिए। संसाधनों की कमी के कारण शहर में पूरे आइसक्रीम पार्लर नहीं चल पा रहे हैं।
अभी तक यूपी के 12 शहरों में आइसक्रीम जा रही है। इस बार गर्मियों में नोएडा व गाजियाबाद में भी यहां से आइसक्रीम भेजी जाएगी। दोनों बड़े शहर हैं ऐसे में यहां अच्छी मांग निकलकर आने की संभावना है। - मनीष सिंह, जीएम पराग डेयरी