बरेली। चार दिन बाद बुधवार को जिलेभर के बैंक खुले तो शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के सभी राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। लोग नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, आधार से जुड़े कार्य और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए पहुंचे। बैंक कर्मियों को भी दबाव के बीच कामकाज निपटाना पड़ा। व्यापारी चार दिनों की बिक्री की रकम जमा कराने बैंक पहुंचे। क्लियरेंस के लिए चेक भी जमा कराए गए। व्यापारियों का कहना था कि बैंक बंद रहने से न केवल नकदी प्रबंधन प्रभावित होता है, बल्कि भुगतान में देरी से कारोबार की साख पर भी असर पड़ता है। संवाद