सीबीगंज। एआरटीओ के नाम पर ओवरलोड ट्रकों से वसूली के आरोपी गुर्गे को पुलिस ने शनिवार को थाने से ही जमानत दे दी। मौके से बरामद स्कॉर्पियो अभी पुलिस के कब्जे में ही है। स्कॉर्पियो से मिले तमंचे का पुलिस ने अब तक कोई जिक्र नहीं किया है। हालांकि, वायरल हो रहे स्कॉर्पियों के वीडियो में तमंचा स्पष्ट दिख रहा है। अन्य नामजद सात आरोपी अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
सीबीगंज में रामपुर रोड पर शुक्रवार को ओवरलोड ट्रकों से वसूली को लेकर विवाद हो गया था। वसूली कर रहे लोग स्कॉर्पियो मौके पर छोड़कर भाग गए थे। ट्रक मालिक इसरार ने दीपक चौधरी, आरिफ उर्फ फटाफट, धर्मेंद्र गुप्ता, अरविंद गुप्ता, गुड्डू, इरफान, आरिफ कमानी, गिरीश मौर्य को नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरिफ उर्फ फटाफट को मौके पर दबोच लिया गया। आरोपियों की स्कॉर्पियो से बीयर की बोतलों के साथ तमंचा भी मिला था। कुछ लोगों ने इसकी वीडियो बना ली। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि स्कॉर्पियो की सीट के पीछे बैग में तमंचा रखा है। उसको एक सिपाही तौलियां डालकर छिपा रहा है।
शनिवार को पुलिस ने आरिफ उर्फ फटाफट को थाने से ही जमानत दे दी। इंस्पेक्टर राधेश्याम का कहना है कि स्कॉर्पियो से तमंचा मिलने संबंधी उनको कोई जानकारी नहीं है। नामजद अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। वायरल वीडियो में तमंचा दिखने की बात को वह टाल गए।