बरेली। घर से नाबालिग को ले जाकर खेत में सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
घटना देवरनियां थानाक्षेत्र की है। किशोरी के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि सात अप्रैल 2024 को रात करीब नौ बजे 14 साल की पुत्री बाहर बरामदे में नल पर पानी लेने गई थी। इसी दौरान समीर व रिजवान उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर खेतों में ले गए। यहां चाकू की नोक पर धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
तलाश करने के दौरान बेटी जंगल की तरफ से आते हुए दिखी। पूछने पर उसने घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की। अदालत में पीड़िता ने कहा कि समीर मुंह बंद करके उसे उठा ले गया था, रिजवान भी उस बाइक पर बैठ गया था। समीर ने उसके साथ गलत काम करने के बाद धमकाया।
रिजवान की तरफ से उसके अधिवक्ता का कहना था कि आरोप झूठे हैं। वहीं, एडीजीसी सरनाम सिंह ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी रिजवान किशोरी को बहला-फुसला कर जंगल ले गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश रामानंद की अदालत ने मोहम्मद रिजवान की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। संवाद