बरेली। नाबालिग को भगाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने नामंजूर कर दी। अदालत में आरोपी के नाम रिंकू व अजीत को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई।
एक ग्रामीण ने बिशारतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री कक्षा आठ में पढ़ती है। 25 मार्च को गांव में रहने वाली सहेली उसे अपने घर बुलाकर ले गई। इसके बाद से बेटी का कोई पता नहीं चल सका। सहेली के घर जाकर पूछा तो उसने कोई जानकारी नहीं दी। दूसरे दिन परिजन को पता चला कि अलीगंज थानाक्षेत्र के अमरोली गांव का अजीत उसे बहला फुसलाकर ले गया। तहरीर के आधार पर बिशारतगंज पुलिस ने अजीत व गांव की महिला व उसकी लड़की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने छात्रा को बरामद किया। अजीत को जेल भेज दिया गया। अदालत में अजीत की जमानत अर्जी पेश करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि अदालत में दिए बयान में छात्रा ने अजीत का नाम नहीं लिया है। किसी रिंकू का नाम लिया है। सरकारी वकील शुभव मिश्रा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि अजीत ने छात्रा को अपना नाम रिंकू बताया था। इसलिए छात्रा ने रिंकू नाम लिया। अजीत को रिंकू भी कहते हैं। छात्रा ने अदालत में दिए बयानों में रिंकू द्वारा हरियाणा ले जाकर दुष्कर्म करने की भी बात कही है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।