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बदायूं तिहरा हत्याकांड: वीडियो बनाने की सजा मौत...परिजन बोले- पुलिस चाहती तो नहीं बिछतीं लाशें

Tue, 28 Feb 2023 08:15 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं

सार

तिहरे हत्याकांड में परिजनों ने खुलकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब मारपीट शुरू हुई थी तो हरिओम ने पुलिस को फोन कर सूचना दे दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तमाशबीन बनी रही। पुलिस की मौजूदगी में ही खूनी संघर्ष हुआ।
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Badaun triple murder case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर भगता नगला में हुए तिहरे हत्याकांड में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। थाने से लेकर नाधा चौकी तक में तैनात पुलिसकर्मियों पर भले ही कार्रवाई न की गई हो लेकिन इतनी बड़ी वारदात के बाद उनकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। 
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सबसे ज्यादा गुस्सा महीपाल पक्ष में है, क्योंकि इस पक्ष से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। खूनी संघर्ष में घायल हरिओम की मौत के बाद महीपाल पक्ष का गुस्सा पुलिस पर फूट रहा है। उनका कहना है कि पुलिस चाहती तो इतनी लाशें नहीं बिछतीं।

महीपाल और अमर सिंह पक्ष के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी। ऐसा नहीं है कि पुलिस इससे बेखबर थी। जानकारी पुलिस को थी लेकिन वह किसी के मंसूबे को नहीं भांप पाई। पुलिस की यही लापरवाही खूनी संघर्ष के बाद सामने आ रही है। वारदात में महीपाल पक्ष के दो लोगों की मौके पर ही मौत हुई थी तो तीसरा हरिओम घायल था। 
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सोमवार को हरिओम की भी मौत हुई तो महीपाल पक्ष के गुस्सा बाहर आया। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मिले महीपाल पक्ष के धर्मपाल, रिश्तेदार रेशमपाल आदि ने खुलकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब मारपीट शुरू हुई थी तो हरिओम ने पुलिस को फोन कर सूचना दे दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तमाशबीन बनी रही। पुलिस की मौजूदगी में ही खूनी संघर्ष हुआ।

पुलिस के आने के बाद ही शुरू हुई फायरिंग
हरिओम की मौत के बाद महीपाल पक्ष की हरिका ने कहा कि वे लोग तो खेत पर खाद लगाने गए थे। इस बीच अमर सिंह पक्ष ने घेराबंदी कर ली। काफी देर तक वह हम लोगों को घेरे रहे, हमने वहां से निकलने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने चारों ओर से घेराबंदी कर ली थी। इस बीच पुलिस भी आ चुकी थी, पुलिस के आने के बाद ही फायरिंग शुरू हुई।
 

वीडियो बनाने की सजा मौत
खूनी संघर्ष की शुरुआत दोनों पक्षों की ओर से गालीगलौज से हुई। गालीगलौज के साथ ही दोनों ओर से मारपीट और गोलीबारी हुई। हरिओम की मौत के बाद वायरल हुए वीडियो में हरिओम कह रहा था कि सभी शांत हो जाओ पुलिस को फोन कर रहे हैं। इसके कुछ समय बाद फायरिंग होने लगी। हरिओम पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना चुका था, इस पर दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडों से पीटने के बाद उसके सिर में गोली मार दी।
 

सिर में फंसी रही गोली, न ऑपरेशन किया न ही रेफर
हरिओम की मौत के मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की भी लापरवाही सामने आई है। हरिओम के सिर में गोली फंसी थी। वह गंभीर घायल था। छह दिन तक वह मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहा और इस दौरान न तो उसका आपरेशन कर गोली बाहर निकाली गई और न ही उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। कहीं न कहीं उसकी मौत की वजह इलाज में लापरवाही भी रही।

 

शव पहुंचा तो घरों से निकले लोग
गांव आरिफपुर भगता नगला में खूनी संघर्ष के बाद सन्नाटा पसरा हुआ था। सोमवार को हरिओम की मौत के बाद जब पुलिस शव लेकर पहुंची तो उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लोग घरों से बाहर निकले। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

 

मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
हरिओम के दो मासूम बच्चे हैं। उसकी पत्नी ज्ञानवती गर्भवती है। हरिओम की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीखपु कार मच गई। उसकी पत्नी का सिर्फ एक ही कहना था कि उसके बच्चों की परवरिश अब कौन करेगा।

 
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हत्याकांड के दो और आरोपी गिरफ्तार
तिहरे हत्याकांड के बाद एक और घायल की मौत होने पर पुलिस ने अमर सिंह पक्ष के फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। रविवार तक पुलिस दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को जेल भेज चुकी थी। सोमवार को पुलिस ने अमर सिंह पक्ष के पप्पू और नरेश को भी गिरफ्तार कर लिया। एसएचओ जरीफनगर मनोज कुमार ने बताया कि अमर सिंह पक्ष के पप्पू और नरेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक हरिओम का पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करा दिया गया है। गांव में सुरक्षा के लिहाज से अभी पुलिस तैनात रहेगी।
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