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इंटरनेशनल सिटी पर फिर

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बरेली। नरियावल में बसाई गई इंटरनेशनल सिटी पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। करीब 113 तालाबों को पाटकर और अवैध रूप से सैकड़ों एकड़ भूमि को अकृषक क्षेत्र घोषित कराकर कॉलोनी विकसित किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई शुरू हो गई। दोनों पक्षों के जवाब दाखिल करने के बाद अब अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख नियत की गई है।
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सैकड़ों एकड़ क्षेत्रफल में इंटरनेशनल सिटी बसाने का काम करीब छह साल पहले शुरू हुआ था। तभी से उस पर सवाल खड़े होने के साथ शिकायतें करने और उन पर जांच का सिलसिला शुरू हो गया था लेकिन इसके बावजूद धीरे-धीरे यह आलीशान कॉलोनी करीब छह सौ एकड़ में विकसित हो गई। प्रशासन और शासन स्तर पर तमाम शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिला सहकारी संघ के पूर्व चेयरमैन महेश पांडेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
इस याचिका में कहा गया था कि इंटरनेशनल सिटी को विकसित करने वाले बिल्डरों ने उसका निर्माण 113 तालाबों को पाटकर किया है। यह कुल मिलाकर आठ हजार करोड़ से भी बड़ा घोटाला है। जिला प्रशासन के अधिकारियों के स्तर से कई बार जांच की जा चुकी है जिसमें तालाब पाटे जाने की भी पुष्टि हुई थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से तालाब पाटे जाने की मनाही होने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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याचिका पर सोमवार को चीफ जस्टिस राजेश बिंदल के समक्ष सुनवाई शुरू हुई। महेश पांडे के मुताबिक हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि यह प्रकरण नोएडा जैसा प्रतीत होता है। जिला प्रशासन की ओर से भी इस मामले में दस्तावेज हाईकोर्ट में दाखिल किए गए हैं। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के लिए अब 26 सितंबर की तारीख मुकर्रर हुई है।
नेताओं-अफसरों का ठिकाना है
आलीशान इंटरनेशनल सिटी
कई बिल्डरों ने साथ मिलकर इंटरनेशनल सिटी का निर्माण 2016 में शुरू किया था। इसमें अब तक तीन सौ से ज्यादा आवास बन चुके हैं जिनमें नेताओं से लेकर अफसर तक रह रहे हैं। शुरुआती दौर में ही इंटरनेशनल सिटी के निर्माण पर आरोप लगने शुरू हो गए थे जिन पर प्रशासन ने कई बार जांच भी करवाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट में अब यह मामला अंतिम चरण में बताया जा रहा है।
आरोप गलत, बीडीए से पास है नक्शा
इंटरनेशनल सिटी के बिल्डर राजेश गुप्ता का कहना है कि कॉलोनी का नक्शा बीडीए से पास है। वह नियमों के मुताबिक ही कॉलोनी बना रहे हैं। उन्होंने आरोपों को बेदम बताते हुए कहा कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई है लेकिन निर्णय नहीं आया है। हमने मजबूती से अपना पक्ष रखा है। अगली सुनवाई में भी मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।
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