बरेली। तुलसी मठ के महंत कमलनयन दास ने अयोध्या में राम मंदिर बनने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन निर्मोही अखाड़े को पूजा का अधिकार न मिलने से खफा हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अयोध्या में पूजा अर्चना का खर्चा भी नहीं निकल पाता था, उस समय से निर्मोही अखाड़ा पूजा अर्चना करता आ रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने अखाड़े को कुछ नहीं दिया है, जबकि अखाड़े ने मालिकाना हक भी नहीं मांगा था, ऐसे में वह दुखी हैं, जबकि सदियों से निर्मोही अखाड़ा ही पूजा करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से रामजन्म भूमि के लिए प्रयासरत थे, लेकिन यह नहीं पता था कि उन्हें ही इससे अलग कर दिया जाएगा।