बरेली। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए प्रयागराज से आई तीन सदस्यों की टीम ने बृहस्पतिवार को बरेली कॉलेज में घंटों दस्तावेज खंगाले। इसमें वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान विभाग और एचआरए से जुड़ी फाइलों को देखा। विगत वर्ष नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में भी इस प्रकरण का जिक्र हुआ था। टीम ने शिक्षकों से भी पूछताछ की।
शासन से नामित टीम ने प्राचार्य कार्यालय में दस्तावेजों की सुबह से शाम तक जांच की। प्राचार्य और मुख्य नियंता शहर से बाहर थे। ऐसे में प्रयागराज से आई टीम को कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. पम्पा गौतम, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान विभाग के शिक्षकों ने जांच से संबंधित सभी दस्तावेज मुहैया कराए। इस दौरान शिक्षक व कर्मचारियों से भी बातचीत हुई। दरअसल, विगत वर्ष अगस्त माह में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट जारी हुई थी। इसके अनुसार बरेली कॉलेज में वर्ष 2017-18 में शैक्षिक और शिक्षणेतर कर्मचारियों को आवासीय सुविधा प्रदान कर केवल वेतन से मकान किराया भत्ता की कटौती हो रही थी। जोकि शासन से निर्धारित दर पर नहीं थी। इसके अलाव वनस्पति विज्ञान प्रयोगशाला में उपकरण नियमानुसार न होने से आठ लाख रुपये से अधिक की अनियमित भुगतान हुआ। इस संबंध में अक्तूबर में उच्च शिक्षा निदेशालय प्रयागराज की ओर से बनाई गई समिति ने मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी।