बरेली। अग्निवीर भर्ती के दौरान फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़े गए आगरा के दोनों अभ्यर्थियों से सेना की खुफिया इकाई ने कई चक्रों में पूछताछ की। उनके पाकिस्तान से संबंधों की बाबत भी तमाम सवाल किए। दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। बाद में पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जाट रेजिमेंट सेंटर में बुधवार को अग्निवीर भर्ती के दौरान आर्मी इंटेलिजेंस ने आगरा के दो फर्जी अभ्यर्थी दबोचे थे। इनमें अरुन खां ने अपने फर्जी प्रपत्र धर्मराज सिंह निवासी भूड़ नगरिया सौरई खदौली और फाल सिंह ने रंजीत निवासी मदनपुर खंदौली के नाम से तैयार किए थे। दोनों अक्तूबर 2021 में हुई यूएचक्यू की भर्ती में भी फर्जी दस्तावेज के सहारे शामिल हुए थे। यूएचक्यू रैली में अरुन खां तो कन्हैया निवासी सौरई सराय और फाल सिंह मथुरा खानपुर निवासी मोनू चौधरी के नाम से परीक्षा देने गया था। तब वे पकड़ में नहीं आए।
बुधवार को पकड़े जाने पर अरुन खां के पाकिस्तान से कनेक्शन होने की आशंका जाहिर की गई। इसके चलते सेना की खुफिया इकाई ने बृहस्पतिवार को कैंट थाने में दोनों से कई घंटे तक पूछताछ की। उनसे सेना में भर्ती होने की मंशा जानने के साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि आखिर उन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए फर्जी दस्तावेज का सहारा क्यों लिया। दोनों से फर्जी दस्तावेज के आधार पर सेना में भर्ती कराने में मदद करने वालों की भी जानकारी जुटाई गई। अरुन खां के पास मिले दस्तावेज में एक जगह उसका नाम हारुन खां तो दूसरी तरफ अरुन लिखा है।
कैंट थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि अग्निवीर भर्ती के दौरान फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों से थाने पर कई जांच एजेंसियों ने पूछताछ की है, इसमें पुलिस शामिल नहीं रही। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि सैन्य क्षेत्र से दोनों को पकड़ा गया है, इसलिए मिलिट्री इंटेलीजेंस यूनिट ही अपने स्तर से जांच कर रही हैं। उनकी जांच में पुलिस शामिल नहीं रहती है। पुलिस का काम मुकदमे की विवेचना करना है।