ताजद्दीन की पत्नी लड़ रही चुनाव
ताजुद्दीन की पत्नी चुनाव लड़ रही थीं तो उसके परिजनों के लाइसेंसी असलहे जमा कराना और भी जरूरी था पर ऐसा नहीं किया गया। एफआईआर के मुताबिक लगभग सभी आरोपी लाइसेंसी व अवैध असलहे लिए हुए थे। वारदात के बाद अब पुलिस को कार्रवाई की याद आई है। इंस्पेक्टर दयाशंकर ने बताया कि आरोपियों ने अपने असलहे जमा नहीं किए थे। सभी आरोपियों के असलहों के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जानलेवा हमला और बलवे में 20 के खिलाफ रिपोर्ट
मोहल्ला ऊंचा वार्ड सात में सभासद के चुनाव में वोट मांगने को लेकर मंगलवार रात दो प्रत्याशियों के समर्थक भिड़ गए थे। सभासद प्रत्याशी फरहत नाज के पति ताजुद्दीन और उसके भाइयों ने प्रत्याशी सबली के पति एवं समर्थकों पर गोलियां चला दीं। तीन लोग छर्रे लगने से और बाकी तीन लाठी-डंडों की मारपीट से घायल हो गए थे।
सबली के भतीजे सईद उर्फ राजू ने ताजुद्दीन, हकीमुद्दीन, विकारउद्दीन, जकीउद्दीन, इमामउद्दीन, बिलाल शेख अजहरी, अजहरुद्दीन उर्फ आशु, मोहम्मद उमर, मोहम्मद कमर, अदनान जकी समेत दस अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने जानलेवा हमला एवं बलवा समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश में दबिश
गोलीकांड प्रकरण में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हकीमुद्दीन को मंगलवार रात घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से 12 बोर का तमंचा और दो कारतूस मिले थे। बाकी आरोपियों के न मिलने पर पुलिस ने दबाव बनाने के लिए परिवार की तीन महिलाओं को थाने में बैठा लिया था।
इसका असर ये हुआ कि दो और आरोपी जकीरुद्दीन और बिलाल शेख अजहरी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। दोनों आरोपी आपस में चाचा-भतीजा हैं। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस कई जगह दबिश दे रही है। घटना के बाद वहां सन्नाटा पसरा है। आरोपियों के घर पर ताले पड़े हैं।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। शस्त्र निरस्तीकरण के लिए भी रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी।