बरेली। पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपियों समेत अन्य लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए डीएम ने एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। इज्जतनगर पुलिस आरोपियों के असलहों का रिकाॅर्ड जुटा रही है।
22 जून की सुबह आदित्य उपाध्याय ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से फायरिंग की थी। वहीं, राजीव राना के पास भी लाइसेंसी राइफल बताई जा रही है। साथ ही घटना में जिन कार मालिकों, होटल मालिक चांद मियां आदि का नाम आ रहा है, उनके पास भी शस्त्र लाइसेंस हो सकते हैं। पुलिस इन सभी के लाइसेंस की स्थिति पता लगा रही है। इनमें से कई लोग दूसरे थाना क्षेत्रों में रहते हैं। वहां से भी इज्जतनगर पुलिस समन्वय कर जानकारी हासिल कर रही है। इज्जतनगर थाने से संयुक्त रिपोर्ट तैयार करके एसएसपी के जरिये डीएम को भेजी जाएगी। डीएम की ओर से आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
फायरिंग मामले में कुछ नेता भी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। इनमें से कुछ की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में इन नेताओं को अपनी, परिजनों व करीबियों की संपत्तियों के ध्वस्तीकरण व जब्तीकरण का डर सता रहा है। खुद को बचाने के लिए ऐसे नेता लखनऊ में अपने आकाओं की शरण में पहुंच गए हैं। एक नेता ने अपने सजातीय बड़े नेता की परिक्रमा शुरू कर दी है। हालांकि, इससे उन्हें कितना फायदा होगा, ये वक्त ही बताएगा।