अनुदान जारी होने में देरी का मुद्दा वेंडरों ने उठाया, डीएम ने अधिशासी अभियंताओं से मांगा जवाब
बरेली। पीएम सूर्यघर योजना के तहत अनुदान पाने के लिए किए गए आवेदन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंताओं के कार्यालय में अटके हैं। दूसरी ओर ओर आवेदनकर्ता अनुदान पाने के लिए भटक रहे हैं।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बुधवार को यह मामला सामने आया। विकास भवन में आयोजित बैठक में सोलर पैनल लगाने वाले वेंडरों ने बताया कि सब्सिडी के लिए अधिशासी अभियंताओं के कार्यालय में विभिन्न पटलों से कार्रवाई होती है, इसमें समय लगता है।
डीएम ने कहा कि सभी अधिशासी अभियंता बताएं कि किसके पास कितनी पत्रावलियां लंबित हैं। जब यह जानकारी सामने नहीं आई तो उन्होंने अगले तीन दिन में फिर से बैठक करने के निर्देश दिए गए। कहा कि बैठक में ऐसे अधिशासी अभियंता बुलाए जाएं, जिनके पास सर्वाधिक पत्रावलियां लंबित हैं। बैठक में पीओ नेडा, जिला विकास अधिकारी व जनपद के वेंडर उपस्थित रहे।
यह है स्थिति
एक लाख रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य
26, 812 लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया
3, 359 आवेदन आए, 404 प्लांट स्थापित हुए
अनुदान सिर्फ 219 को मिला, शेष प्रक्रिया में फंसा
ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
बैठक में बताया गया कि पीएम सूर्य घर योजना का लाभ पाने के लिए www.pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वांछित प्रपत्रों को भरने के बाद बरेली में पंजीकृत 24 वेंडरों की सूची आती है, इसमें से किसी का भी चयन करते हुए संयंत्र की पूर्ण धनराशि जमा करने पर वेंडर द्वारा संयंत्र की स्थापना कर दी जाती है। विद्युत निगम सर्वे कर रिपोर्ट देगा। इसके बाद अनुदान की धनराशि लाभार्थी के खाते में आती है। अमर उजाला ब्यूरो