बरेली। रोडवेज के लिपिक को रिश्वत लेते पकड़ने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) ने अब क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विवेचना के दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों को परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय प्रबंधक की दिक्कतें बढ़ सकती है।
एंटी करप्शन की टीम ने रोडवेज के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात लिपिक जगमोहन यादव को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोप है कि जगमोहन यादव निजी बस स्वामी से अनुबंध के नवीनीकरण के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत पर 25 मई 2023 को एंटी करप्शन की टीम ने जगमोहन को गिरफ्तार किया था। टीम ने इसकी विवेचना शुरू की तो पता चला कि रिश्वत लेने से ठीक पहले लिपिक क्षेत्रीय कार्यालय से अनुबंध की फाइल पास कराकर लाया था। लिपिक के बयान भी रिकॉर्ड किए गए हैं, जिसमें क्षेत्रीय कार्यालय में भ्रष्टाचार की कलई खुली है।
विवेचना में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर परीक्षण के लिए मुख्यालय भेजा गया है। परीक्षण के बाद इसमें आगे कार्रवाई की जाएगी। - यशपाल सिंह, सीओ एंटी करप्शन