बरेली में खेत में अकेली जा रही महिलाओं की हत्या की सिलसिलेवार घटनाएं होने से इलाके में दहशत है। महिलाओं ने खेत पर जाना शुरू किया भी था पर वीरावती की हत्या से वे फिर सहम गई हैं। गांव व आसपास नकाबपोश बदमाशों की सक्रियता का भी शोर है।
बरेली के शाही थाना इलाके में तीन माह में पांचवीं महिला की हत्या कर दी गई। शव खेत में मिला। महिला की साड़ी से ही उसका गला कसा गया था। शरीर पर जेवर भी नहीं थे। कपड़े अस्त-व्यस्त मिले। एसपी देहात के साथ पुलिस, फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल का मुआयना किया।
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सेवा ज्वालापुर गांव निवासी घनश्याम पंजाब में ठेला लगाते हैं। उनकी पत्नी वीरावती (35) चार बच्चों के साथ घर रहती थीं। पड़ोस में जेठ का भी घर है। जेठानी कमला देवी से खाद और दवा लगाने की बात कहकर बुधवार सुबह नौ बजे वीरावती खेत पर चली गईं। दोपहर 12 बजे तक वह घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों को चिंता हुई। तब जेठ छेदालाल, जेठानी कमला उनको ढूंढने निकले। वह खेत पर नहीं मिलीं तो परिजनों और ग्रामीणों ने कई खेतों व नदी के किनारे उनकी तलाश की।
अपराह्न चार बजे रास्ते से थोड़ा हटकर रिश्ते के जेठ सेवाराम के खेत के खड़ी गन्ने की फसल में वीरावती का शव मिला। जेठानी कमला देवी ने बताया कि वीरावती के गले में उन्हीं की साड़ी से फंदा लगाया गया था। उसकी गांठ पीछे बंधी थी। उनके कुंडल गायब थे और कान खिंचे हुए थे।
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गले से चांदी की माला, कलाई से खड़वा तथा पैरों से चांदी की पायल भी गायब थी। उनको खींचते हुए ले जाने के निशान भी मिले हैं। खेत में लगाने वाली दवा के डिब्बे व खाद का कट्टा आदि दूसरे खेत में पड़े मिले। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, सीओ हर्ष मोदी भी पहुंचे।
तीन माह में पांच महिलाओं की हत्या के मामले को एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में अलग स्थिति पाई गई है, पर इस आशंका पर भी जांच कराई जा रही है कि कहीं इन सभी मामलों में एकरूपता तो नहीं है। इसके लिए उन्होंने क्राइम ब्रांच की विशेष टीम लगाई है।
खेत में अकेली महिलाओं को बनाया जा रहा शिकार
खेत में अकेली जा रही महिलाओं की हत्या की सिलसिलेवार घटनाएं होने से इलाके में दहशत है। महिलाओं ने खेत पर जाना शुरू किया भी था पर वीरावती की हत्या से वे फिर सहम गई हैं। गांव व आसपास नकाबपोश बदमाशों की सक्रियता का भी शोर है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक माह पहले गांव की बबली, बसंती व अन्य कई महिलाओं का खेत में जानवर चराते हुए नकाबपोश चार बदमाशों ने काफी दूर तक पीछा किया था। महिलाओं ने भागते हुए किसी तरह गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने खेतों में बदमाशों को तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
15 दिन पहले इसी ग्राम पंचायत के मजरा बसावनपुर की किशोरी को भी खेत पर दो नकाबपोश बदमाशों ने दबोच लिया था। हालांकि किशोरी हिम्मत दिखाते हुए उनके चंगुल छूटकर किसी तरह भागकर सेवा ज्वालापुर गांव पहुंची। घटना के बाबत ग्रामीणों को बताया। पुलिस को लिखित शिकायत देने के बावजूद मामला नजरअंदाज करते हुए इसे जमीन से जुड़ा विवाद बता दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि किशोरी के साथ भी इसी तरह अनहोनी हो सकती थी।
अब तक इनकी हो चुकी हत्या
इससे पहले क्षेत्र में चार अन्य महिलाओं की हत्या हो चुकी है। 19 जून को कुल्छा गांव की धानवती, 29 जून को आनंदपुर की प्रेमवती, 22 जुलाई को खजुरिया की कुसुमा देवी व 10 अगस्त को मजरा मुबारकपुर की शांति देवी की हत्या हो चुकी है। महिलाओं की उम्र 35 से 55 वर्ष के बीच की रही है।