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लखनऊ-गोरखपुर के लिए एक और रेल रूट: आगरा-मथुरा के लिए भी खुलेगा रास्ता, सफर में दिखेंगे जंगल के खूबसूरत नजारे

Sun, 03 Sep 2023 12:42 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली से लखनऊ-गोरखपुर तक ट्रेन का सफर अब रोमांचकारी होने वाला है। बरेली से लखनऊ-गोरखपुर के लिए जल्द ही नया रेल रूट शुरू होने वाला है, जो पीलीभीत टाइगर रिजर्व और दुधवा के बीच से गुजरेगा। ट्रेन के सफर के दौरान यात्रियों को जंगल के खूबसूरत नजारे भी देखने को मिलेंगे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वोत्तर रेलवे की बरेली से पीलीभीत वाया मैलानी, लखीमपुर होते हुए लखनऊ के रास्ते गोरखपुर की ओर जाने वाली रेल लाइन पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन दो से तीन महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही लखनऊ ले दिल्ली के लिए एक और वैकल्पिक रेल रूट मिल जाएगा। करीब 12 साल से बंद आगरा, मथुरा, कासगंज, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, मैलानी, गोला, लखीमपुर होते हुए लखनऊ तक ट्रेनों का संचालन फिर शुरू हो सकेगा।

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पीलीभीत से लखनऊ के लिए वाया बीसलपुर, शाहजहांपुर होते हुए रेल रूट है। कई बार वैकल्पिक तौर पर इस रेल रूट का इस्तेमाल किया जाता है। पीलीभीत से मैलानी होते हुए जाने वाले रेल रूट पर शाहगढ़-पीलीभीत के बीच करीब आठ किमी हिस्सा पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में आता है। इस हिस्से में रेल लाइन को ब्राडगेज में परिवर्तित करने का काम फंसा हुआ था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के बाद इस रेल खंड में काम शुरू हो गया है। वाया पीलीभीत से लखनऊ, गोरखपुर तक रेल यात्रा के दौरान पीटीआर और दुधवा नेशनल पार्क के प्राकृतिक नजारे भी देख सकेंगे।

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गौर करने की बात यह है कि करीब 125 साल पुरानी यह रेल लाइन मीटरगेज थी। इस लाइन पर आगरा से लखनऊ के लिए मैलानी होते हुए आगरा फोर्ट, गोकुल एक्सप्रेस और मरुधर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का संचालन होता था। करीब 12 साल पहले बरेली-कासगंज रेल रूट को मीटरगेज से ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया गया। इसके बाद आगरा-लखनऊ के बीच रेल सेवा बंद हो गई।

बरेली से निकलते हैं ये रेल रूट

दिल्ली-बरेली-लखनऊ रेल रूट बरेली से निकलने वाला मुख्य रेल रूट है। इस पर ट्रेनों का काफी दबाव रहता है। लखनऊ-दिल्ली की बात करें तो लखनऊ-कानपुर-दिल्ली रेल रूट है। यह रेल रूट बरेली नहीं आता। उत्तर रेलवे की वाया बरेली कैंट रेल लाइन चंदौसी होते हुए मुरादाबाद, दिल्ली और चंदौसी से ही अलीगढ़ के लिए जाती है। इस रेल रूट पर संचालित होने वाली ट्रेनें बरेली होते हुए तो गुजरती हैं, लेकिन जंक्शन पर नहीं आतीं। नया वैकल्पिक रेल रूट शुरू होने के बाद बरेली से लखनऊ और दिल्ली के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। आगरा, मथुरा, कासगंज, बदायूं, बरेली, पीलीभीत होते हुए भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा।

मालगाड़ियों का भी कम होगा दबाव

दिल्ली-मुरादाबाद-बरेली-लखनऊ रेल रूट पर मालगाड़ियों का काफी दबाव रहता है। इससे लखनऊ-मुरादाबाद रेल खंड के बीच सवारी गाड़ियां अक्सर लेट हो जाती हैं। पीलीभीत-लखनऊ रेल रूट शुरू होने के बाद दिल्ली-बरेली-लखनऊ रेल रूट पर मालगाड़ियों का दबाव कम होने से ट्रेनों का संचालन सामान्य होगा।
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शाहगढ़-पीलीभीत के मध्य गेज परिवर्तन का कार्य तेज गति से चल रहा है। इस कार्य के पूर्ण हो जाने से लखनऊ और गोरखपुर से सीतापुर, मैलानी, पीलीभीत, शाहजहांपुर होते हुए दिल्ली-लखनऊ के लिए एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। कई ब्रांच लाइनों के इस रेल रूट से जुड़ने से ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मथुरा, आगरा, कासगंज से नए रेल रूट पर लखनऊ, गोरखपुर के लिए भी संचालन शुरू किया जाएगा। -पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे
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