उप डाकघर पर शिकायत करते लोग। संवाद
शाही। बिना रुपये दिए आधार संशोधन न करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने डाकघर पर प्रदर्शन किया। इसके बाद आधार कार्ड संशोधन का कार्य रोक दिया गया।
स्थानीय डाकघर में करीब पंद्रह दिन पहले आधार कार्ड संशोधन का कार्य जैसे तैसे शुरू हो पाया था। आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर आदि के संशोधन के लिए हर रोज भीड़ उमड़ रही थी। संशोधन फॉर्म जमा करने के पंद्रह दिनों के बाद भी नंबर नहीं आने पर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। डाकघर के बाहर जमकर गुस्सा जाहिर किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई-कई दिन पहले फॉर्म जमा कर लिए जाते हैं और पंद्रह दिन बीतने के बाद भी तारीख देने पर भी आधार कार्ड संशोधन का कार्य नहीं किया जाता।
लालपुर गांव के रहने वाले जोगराज ने बताया कि उनके पुत्र बृजेश का आधार में फिंगरप्रिंट मैच नहीं कर रहा है। उन्होंने अपने पुत्र बृजेश का आधार संशोधन फार्म एक अगस्त को जमा किया। 12 अगस्त को बुलाने पर दोबारा पहुंचे तो उनसे 350 रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर उनका फॉर्म फेंक दिया गया। इसी तरह का आरोप धर्मपाल सहित अन्य कई लोगों ने भी लगाया।
पोस्टमास्टर ने आरोपों को बताया फर्जी
घटना के संबंध में पोस्टमास्टर झम्मनलाल का कहना है कि आधार संशोधन कार्य करने से कंप्यूटर ऑपरेटर ने भारी भीड़ से परेशान होकर मना कर दिया। इसकी रिपोर्ट उन्होंने प्रवर डाक अधीक्षक को भेज दी है। कार्यालय में अतिरिक्त स्टाफ के होने पर ही आधार कार्ड संशोधन कार्य शुरू किया जाएगा। पैसे मांगने का सवाल ही नहीं उठता। लगाए गए आरोप झूठे हैं। संवाद