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Bareilly News: अंधेरगर्दी... एक फर्म ने डाला टेंडर, दूसरी को मिला काम

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बरेली। नगर निगम के निर्माण विभाग का नया कारनामा सामने आया है। टेंडर किसी और फर्म ने डाला, जिम्मेदारों की मिलीभगत से लाखों रुपये का काम दूसरी फर्म को दे दिया गया। जिस फर्म को काम दिया गया, उसने टेंडर प्रक्रिया में भाग ही नहीं लिया था। अब दोनों फर्माें की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। इधर, महापौर ने प्रभारी मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर दोनों फर्मों को काली सूची में डालने के निर्देश दिए, पर मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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सूफी टोला निवासी जावेद सिद्दीकी ने तीन जुलाई को मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर माधवी कंस्ट्रक्शन पर ई-टेंडर में धांधली और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पत्र के मुताबिक वार्ड 54 में 20.29 लाख की लागत से नाली और सीसी सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला गया था। 28 फरवरी से सात मार्च तक टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसमें माधवी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने प्रतिभाग किया था, पर काम आदर्श ठेकेदार को दे दिया गया। दोनों फर्माें ने मिलकर टेंडर को मैनेज करने की काेशिश की।

पत्र की अनदेखी पर बिफरे महापौर
10 जुलाई को भेजे पत्र में महापौर ने दोनों फर्माें की धांधली की बात लिखी है। वहीं, उन्होंने यह भी लिखा है कि- अत्यंत खेद का विषय है कि दो बार पत्र लिखने के बाद भी माधवी कंस्ट्रक्शन और उसके साथ मिलीभगत करने वाली फर्म को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है। इससे शासन और नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है।
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फिर सवालों के घेरे में डीके शुक्ला
महापौर के पत्र ने अधिशासी अभियंता डीके शुक्ला को फिर सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। महापौर ने लिखा है कि मुख्य अभियंता का प्रभार देख रहे अधिशासी अभियंता डीके शुक्ला को भी 15वें वित्त आयोग के टेंडर लेने के बाद कार्य शुरू न करने वाली फर्मों को काली सूची में डालने के निर्देश दिए गए थे। उपसभापति सर्वेश रस्तोगी ने भी माधवी कंस्ट्रक्शन के कार्य की गुणवत्ता को खराब बताते हुए शिकायत कर भुगतान रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी उन्होंने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। डीके शुक्ला और अन्य इंजीनियरों के खिलाफ भी जांच बिठा दी गई है। संवाद

मिलीभगत करने वाली फर्माें ने अपने ही खिलाफ साक्ष्य टेंडर में लगाए हैं। जो फर्में खुद ही साक्ष्य दे रही हों, उसमें ज्यादा जांच की जरूरत नहीं। दोनों को तत्काल ब्लैक लिस्ट करने के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। - उमेश गौतम, महापौर
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