बरेली। बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथा वाचक पंडित माधव उपाध्याय ने कहा कि भगवान की कथा गंगा की तरह निरंतर प्रवाहित होती है, इसमें हनुमान के प्राण बसते हैं। उन्होंने प्रसंग सुनाया कि कैसे हनुमान ने साकेत धाम जाने के बजाय पृथ्वी पर ही रहकर सदा कथा सुनने का वरदान मांगा था। कहा कि सभी पुराणों में श्रीमद्भागवत महापुराण सर्वोपरि है। इसके दर्शन मात्र से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कथा व्यास ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई। यहां प्रताप चंद्र सेठ, संजीव औतार अग्रवाल, सुभाष मेहरा आदि मौजूद रहे। संवाद